दंतेवाड़ा, 02 अप्रैल (आरएनएस)। जिले के किसानों की आय बढ़ाने और मिट्टी की सेहत सुधारने के उद्देश्य से जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग द्वारा ‘हरी खादÓ वितरण की महत्वपूर्ण पहल शुरू की गई है। इसके तहत गीदम, दंतेवाड़ा और नकुलनार स्थित लैम्प्स केंद्रों में 2000 हरी खाद किट उपलब्ध कराई गई हैं। कृषि विभाग ने विशेष रूप से ‘श्री विधिÓ एवं रोपा विधि से धान की खेती करने वाले किसानों से अपील की है कि वे शीघ्र अपने नजदीकी लैम्प्स से किट प्राप्त करें। ज्ञात हो कि प्रत्येक किट का वजन 5.50 किलोग्राम निर्धारित किया गया है।उल्लेखनीय है कि हरी खाद (ढैंचा, सनई) मिट्टी के लिए बेहद लाभकारी मानी जाती है। यह मिट्टी की संरचना को भुरभुरा बनाकर जड़ों के विकास में मदद करती है, साथ ही वायुमंडल से नाइट्रोजन लेकर मिट्टी में स्थिर करती है, जिससे रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होती है। इसके उपयोग से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं ह्यूमस की मात्रा बढ़ती है, जल धारण क्षमता में सुधार होता है तथा खरपतवार नियंत्रण में भी सहायता मिलती है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, हरी खाद की बुवाई मानसून की शुरुआत या मई-जून में की जानी चाहिए। 25 से 30 दिन बाद, इसमें फूल आने की अवस्था में फसल को खेत में पलटकर मिट्टी में मिला दिया जाता है, जिससे लगभग एक सप्ताह में यह खाद में परिवर्तित हो जाती है। इसके बाद धान की रोपाई करने से बेहतर उत्पादन प्राप्त होता है। कृषि विभाग ने किसानों से जैविक विकल्प अपनाकर मिट्टी को सुरक्षित रखने की अपील की है। किट की संख्या सीमित होने के कारण किसानों से जल्द से जल्द गीदम, दंतेवाड़ा और नकुलनार लैम्प्स पहुंचकर लाभ लेने का आग्रह किया गया है।
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

