:-2 शातिर साइबर अभियुक्तों को पुलिस ने गिरफ्तार कर उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त 5 अदद एंड्रॉयड/एप्पल/की-पैड फोन बरामद करते हुए साइबर फ्रॉड में रिपोर्ट किये गए कुल रकम में 1 करोड़ 11 लाख रुपये कराये गये लीयन/होल्ड
गोण्डा 2 अप्रैल। पुलिस अधीक्षक ने गुरुवार को आयोजित प्रेसमीट दौरान विनीत जायसवाल द्वारा जनपद बताया अपर पुलिस अधीक्षक/नोडल अधिकारी साइबर क्राइम मनोज कुमार रावत व क्षेत्राधिकारी नगर/अपराध आनन्द कुमार राय के पर्यवेक्षण में प्रभारी साइबर सेल संजय कुमार गुप्ता के द्वारा सराहनीय कार्य करते हुए संगठित तरीके से साइबर ठगी करने वाले अन्तर्राज्यीय गैंग का खुलासा किया गया। जिसमें इस गिरोह द्वारा फर्जी मोबाइल सिमों का प्रयोग करते हुए उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, कर्नाटक व तेलंगाना के सैकड़ों बेरोजगार व्यक्तियों को स्वास्थ्य विभाग में नौकरी का इश्तेहार/विज्ञापन देकर रजिस्ट्रेशन/साक्षात्कार/ट्रेनिंग व ज्वाइनिंग के नाम पर लाखों रुपए म्यूल (किराए) के खातों में मंगवा कर साइबर फ्राड किया जाता था। अभियोग से सम्बन्धित 2 अभियुक्तों जिनमें- 1. सुधीर कुमार गुप्ता उर्फ अतुल गुप्ता निवासी ग्राम सोनी कपूर देवरिया चूड़ामणि थाना कोतवाली नगर जनपद गोण्डा व 2. बृजेश मिश्रा पुत्र हरिशंकर मिश्रा निवासी माधवपुरम कालोनी थाना कोतवाली नगर जनपद गोण्डा को गिरफ्तार कर न्यायालय भेजा जा रहा है।
समन्वय पोर्टल (प्रतिबिम्ब पोर्टल) पर प्रदर्शित होने वाले संदिग्ध मोबाइल नम्बरों के जांच के क्रम में प्रकाश में आया कि फरवरी 2026 में छत्तीसगढ निवासी एक पीडि़त ललित झरिया द्वारा स्वास्थ्य विभाग में नौकरी का इश्तेहार/विज्ञापन देखकर उसमें दिये गये नंबर पर संपर्क किया गया और रजिस्ट्रेशन/साक्षात्कार/ट्रेनिंग व ज्वाइनिंग के नाम पर उनके साथ साइबर ठगी की गयी। उनकी ऑनलाइन शिकायत के अवलोकन से 3 मोबाइल नंबर और प्राप्त हुए जिनकी जाँच में सिम धारकों का नाम पता गैर जनपद/राज्यों का पाया गया। फ्रॉड के समय नंबरों की लोकेशन जनपद गोण्डा में पाई गई थी। वर्तमान में ये सभी नंबर निष्क्रिय हो चुके थे। उपरोक्त मोबाइल नंबरों से अभियुक्तों द्वारा देश के विभिन्न राज्यों (उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, कर्नाटक व तेलंगाना) के लोगों के साथ पिछले लगभग डेढ़ साल से नौकरी दिलाने के नाम पर साइबर फ्ऱॉड किया जा रहा था। इन मोबाइल नंबरों और प्रयोग किये गये मोबाइल फोन व बैंक खातों के विरुद्ध विभिन्न राज्यों में साइबर फ्रॉड की 25 से भी अधिक ऑनलाइन शिकायते दर्ज थीं। जिस पर साइबर सेल गोण्डा की टीम द्वारा संदिग्ध मोबाइल नम्बरों के तकनीकी अन्वेषण करते हुए लिंकेज की जाँच की गई एवं लिंक ढ्ढरूश्वढ्ढ, मैनुअल व तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दिनांक 1.4.2026 को साइबर सेल गोण्डा व थाना कोतवाली नगर की संयुक्त टीम द्वारा सोनी गुमटी से बूढादेवर जाने वाले मार्ग पर रेल पटरी के पास से गिरफ्तार कर कब्जे से साइबर अपराध में प्रयुक्त 3 अदद एण्ड्रायड फोन, 1 अदद आईफोन-17 व 1 अदद की-पैड फोन बरामद करते हुए साइबर फ्रॉड के इस अन्तर्राज्यीय गिरोह का अनावरण किया गया। गिरफ्तारी व बरामदगी के आधार पर थाना कोतवाली नगर पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर अग्रिम विधिक कार्यवाही करते हुए अभियुक्तगण को न्यायालय रवाना किया गया।
साथ ही बताया गया कि
पुलिस के पूछताछ में अभियुक्तगणों द्वारा बताया गया कि वे संगठित तरीके से साइबर ठगी करने हेतु उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, कर्नाटक व तेलंगाना के रेलवे स्टेशन, बस स्टेशनों के आस पास स्वास्थ्य विभाग में अच्छे वेतन पर उन्ही के जिलों में नौकरी देने का इस्तेहार चिपकवाया जाता था। नौकरी के लालच में लोग दिये गये फर्जी नंबर पर फोन करते थे जिसमें गिरोह के सदस्यों द्वारा रजिस्ट्रेशन/साक्षात्कार/ट्रेनिंग व ज्वाइनिंग के नाम पर पीडि़त व्यक्तियों को फर्जी एवं कूटरचित ट्रेनिंग लेटर / ज्वाइनिंग लेटर प्रदान कर म्यूल अकाउण्ट्स में उनसे रुपए ट्रान्सफर करवाते थे। इन खातों के खाताधारकों को 20त्न तक कमीशन देकर शेष रुपए उनके द्वारा एटीएम से रुपए निकलवाकर नकद प्राप्त कर लेते थे। गिरोह के सदस्यों द्वारा फर्जी पहचान पत्रों के माध्यम से लोगों का विश्वास जीतकर अतिरिक्त खाते व सिम की व्यवस्था करते थे।
बाक्स में लगाएं-
ठगी में प्रयोग किये गये खातों का विवरण
अब तक की जाँच में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, कर्नाटक व तेलंगाना की 25 से अधिक ऑनलाइन शिकायतें दर्ज हैं जिनमें लगभग 51 बैंक खातों का उपयोग साइबर ठगी में किया जाना पाया गया है। इन ऑनलाइन शिकायतों में लगभग 7 करोड़ 80 लाख की धनराशि रिपोर्ट की गई है । जिसमें अब तक उक्त खातों में लगभग 1 करोड़ 11 लाख रुपए की धनराशि को लीयन/होल्ड कराया जा चुका है।
पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल द्वारा सराहनीय कार्य करने वाली पुलिस टीम को रु0 25,000/- के नकद पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया। साथ ही साथ
साइबर फ्रॉड से बचाव हेतु सुझाव दिए गए कि साइबर अपराध के प्रति जागरुगता ही बचाव है । साइबर अपराध के शिकार होने पर तत्काल 1930 पर आनलाइन शिकायत करे अथवा (डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू डाट साइबर क्राईम डांट जीओवी डॉट इन) 222.ष्4ड्ढद्गह्म्ष्ह्म्द्बद्वद्ग.द्दश1.द्बठ्ठ पर शिकायत पंजीकत करें या अपने नजदीकी थाने की साइबर हेल्प डेस्क पर पहुँच कर लिखित शिकायत करें।
सतर्क रहे, जागरुक रहे।
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