सुल्तानपुर में इंडस्ट्रियल कॉरिडोर Óबहुत देर कर दी हुजूर आते-आतेÓ
सुल्तानपुर 3 अप्रैल (आरएनएस)। वर्षों से औद्योगिक सूखा झेल रहे सुल्तानपुर को आखिरकार विकास की एक बूंद नसीब होने जा रही है। लखनऊ-वाराणसी हाईवे पर सरैयापूरे विसेन और ऊंचगांव में करीब 119 एकड़ में इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। कहने को यह उपलब्धि क्षेत्रीय विधायक एवं पूर्व मंत्री विनोद सिंह के लंबे प्रयासों का नतीजा है लेकिन सवाल यह भी है कि जब पड़ोसी जिले दौड़ लगा रहे थे, तब सुल्तानपुर आखिर किस फाइल में दबा पड़ा था।
दरअसल अमेठी अलग जिले के रूप में निकलने के बाद से सुल्तानपुर की औद्योगिक पहचान लगभग शून्य हो चुकी थी। ऐसे में अब यूपीसीडा के सीईओ विजय किरण आनंद के पत्र के बाद उम्मीद की एक नई फाइल खुली है जिसमें निर्देश दिए गए हैं कि जमीन का मूल्य तय हो, नोडल अधिकारी बने और कागज़ी पहिए आगे घूमें। विधायक विनोद सिंह ने इस बड़ी उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताया है और प्रशासनिक अधिकारियों की सराहना की है। वहीं एक सवाल अब भी कायम है क्या यह कॉरिडोर जमीन पर उतरेगा भी या फिर यह भी सिर्फ फाइलों में ही औद्योगिक क्रांति बनकर रह जाएगा? अगर यह योजना समय पर आई होती तो शायद सैकड़ों युवाओं को पलायन नहीं करना पड़ता। अब जब रोजगार की उम्मीद जगी है तो देखना यह है कि यह कॉरिडोर सच में उद्योगों का रास्ता बनेगा या फिर सिर्फ राजनीतिक भाषणों का नया मार्ग।
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