0 हाईकोर्ट के आदेश का राज्य शासन ने किया उल्लंघन, 6 हजार प्राईवेट स्कूलों में विद्यार्थियों को नहीं मिलेगा प्रवेश
रायपुर, 04 अप्रैल (आरएनएस)। शिक्षा के अधिकार कानून के तहत प्रदेश सरकार द्वारा सन् 2011 में प्राईवेट स्कूलों में 25 प्रतिशत प्रवेश दिए जाने का आदेश जारी किया गया था। पिछले 15 वर्षों में राज्य सरकार ने प्रति विद्यार्थी केवल 7 हजार रूपए ही भुगतान किए जाने का आदेश जारी किया था, तब से अब तक विद्यार्थियों की राशि में वृद्धि नहीं की गई है जिसके चलते 6 हजार प्राईवेट स्कूल प्रभावित हुए हैं। इस संबंध में राज्य सरकार के अधिकारी एवं मंत्री से चर्चा करने पर भी समस्या का समाधान नहीं होने पर प्राईवेट स्कूल एसोसिएशन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। जिस पर राज्य सरकार के प्रमुख सचिव शिक्षा को उक्त मामले में वृद्धि के लिए आदेश जारी किया गया था। फिर भी राज्य शासन ने निर्णय नहीं लिया है, इससे मजबूर होकर प्राईवेट स्कूल एसोसिएशन ने वर्ष 2026-27 के लिए शिक्षा का अधिकार कानून के तहत विद्यार्थियों को 25 प्रतिशत प्रवेश देने से मना कर दिया है। इस वर्ष किसी भी निजी स्कूल में आरटीई कानून के तहत विद्यार्थी को प्रवेश नहीं मिलेगा। हमारा राज्य शासन से असहयोग जारी है। कोई भी स्कूल प्रबंधन राज्य शासन के किसी भी पत्र अथवा नोटिस का जवाब नहीं दे रहा है और न ही देगा। हम इस संबंध में शीघ्र ही हाईकोर्ट में अवमानना का केस दर्ज करा रहे हैं। उक्त जानकारी प्रेसक्लब रायपुर में आयोजित पत्रकारवार्ता में अध्यक्ष राजीव गुप्ता ने दी। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों में शिक्षा के अधिकार के तहत विद्यार्थियों के लिए निर्धारित प्रतिविद्यार्थी वार्षिक शुल्क में वृद्धि हुई है। जबकि छत्तीसगढ़ में ऐसा नहीं किया गया है।
एस.शर्मा
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