लखनऊ ,04 अपै्रल (आरएनएस)। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा के नेतृत्व में ऊर्जा क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए घाटमपुर तापीय विद्युत परियोजना की 660 मेगावाट क्षमता वाली यूनिट-3 का सफलतापूर्वक सिंक्रोनाइजेशन पूरा कर लिया गया है। यह उपलब्धि प्रदेश की बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।यह परियोजना नेवेली उत्तर प्रदेश पावर लिमिटेड (एनयूपीपीएल) द्वारा संचालित की जा रही है, जो एनएलसी इंडिया लिमिटेड (51 प्रतिशत) एवं उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (49 प्रतिशत) का संयुक्त उपक्रम है। यूनिट-3 का सिंक्रोनाइजेशन 765 केवी ग्रिड से सफलतापूर्वक किया गया है, जो परियोजना के वाणिज्यिक संचालन (सीओडी) की दिशा में एक अहम उपलब्धि है।इस उपलब्धि से प्रदेश की विद्युत उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। परियोजना के पूर्ण रूप से संचालित होने के बाद प्रतिदिन लगभग 47.52 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन किया जाएगा, जिससे प्रदेश की बढ़ती ऊर्जा मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी और आमजन को बेहतर तथा निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।परियोजना की तीसरी इकाई के जुडऩे से प्रदेश की कुल स्थापित उत्पादन क्षमता बढ़कर लगभग 13,388 मेगावाट तक पहुंचने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि यूनिट-1 एवं यूनिट-2 पहले ही क्रमश: दिसंबर 2024 और दिसंबर 2025 से सफलतापूर्वक संचालन में हैं, जो परियोजना की निरंतर प्रगति को दर्शाता है। भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय द्वारा निर्धारित आवंटन के अनुसार इस परियोजना से उत्पादित लगभग 93.11 प्रतिशत बिजली उत्तर प्रदेश को प्राप्त होगी, जबकि शेष बिजली अन्य राज्यों को आपूर्ति की जाएगी।परियोजना के लिए दीर्घकालिक ईंधन सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु झारखंड स्थित पचवारा साउथ कोल ब्लॉक का विकास भी तेजी से किया जा रहा है, जिससे भविष्य में निर्बाध और सतत विद्युत उत्पादन सुनिश्चित किया जा सकेगा।पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप इस परियोजना में अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया है। इसमें एफजीडी (फ्ल्यू गैस डीसल्फराइजेशन) एवं एससीआर (सेलेक्टिव कैटेलिटिक रिडक्शन) जैसी उन्नत प्रणालियां स्थापित की गई हैं। इन तकनीकों के माध्यम से प्रदूषण नियंत्रण के साथ ‘जीरो लिक्विड डिस्चार्जÓ की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा ने कहा कि यह उपलब्धि उत्तर प्रदेश को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मजबूत और निर्णायक कदम है। राज्य सरकार उपभोक्ताओं को विश्वसनीय, निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है।यह उपलब्धि ऊर्जा क्षेत्र में प्रदेश की प्रगति को दर्शाने के साथ ही औद्योगिक विकास, निवेश को आकर्षित करने तथा समग्र आर्थिक वृद्धि को नई गति देने में भी सहायक सिद्ध होगी। उत्तर प्रदेश ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, जो प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है।
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