—- कुशीनगर में आयोजित 3 दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय बौद्धिस्ट कॉन्क्लेव में विद्वानों, बौद्ध भिक्षुओं ने दिया विश्व में शांति का संदेश।
कुशीनगर, 04 अप्रैल (आरएनएस)। प्रदेश सरकार के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में भगवान बुद्ध के विचारों की प्रासंगिकता और बढ़ गई है। आज विश्व जिन चुनौतियों का सामना कर रहा है, उसका समाधान केवल शांति, करुणा और सहिष्णुता के मार्ग पर चलकर ही संभव है।
महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर में आयोजित तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय बौद्धिस्ट कॉन्क्लेव के समापन के अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि श्री शाही सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में भगवान बुद्ध के विचारों की प्रासंगिकता और भी बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि आज विश्व जिन चुनौतियों का सामना कर रहा है। उसका समाधान केवल शांति, करुणा और सहिष्णुता के मार्ग पर चलकर ही संभव है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज दुनिया को युद्ध की नहीं, बल्कि बुद्ध की आवश्यकता है। कृषि मंत्री ने कहा कि इस तीन दिवसीय आयोजन को सफल बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने हर संभव मदद दिया है तथा जिलाधिकारी की विशेष प्रयास से इतना सुंदर आयोजन हुआ है।उन्होंने कहा कि जब मैं 1985 में यहां से विधायक था उस दौरान 20 लख रुपए से वृक्षारोपण कराया गया था जो आज एक बड़े वृक्ष बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार महात्मा बुद्ध का संदेश, करुणा मैत्री और दया का है। जो शांति का संदेश दे रहा है। उन्होंने कहा कि महात्मा बुद्ध का संदेश है कि हम उतना ही ग्रहण करें जीतने की आवश्यकता हो। महात्मा बुद्ध ने अहंकार को खत्म किया अहंकार को खत्म करने के लिए ही उन्होंने भिक्षाटन किया। उन्होंने कहा कि सत्ता यदि गलत हाथों में चली जाती है तो समाज का विनाश हो जाता है। दुनिया आज उसी रास्ते पर चल रही है। आज दुनिया जिस मुकाम पर खड़ी है। वहां बुद्ध के संदेश की प्रासंगिकता और अधिक बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि जी-20 के सम्मेलन में प्रधानमंत्री ने विश्व बंधुत्व की भावना का संदेश दिया था। आज हम सभी को इस भावना के साथ आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि ने भगवान बुद्ध की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया तथा विश्व शांति, मानव कल्याण और आपसी सौहार्द की कामना की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संदेश पर आधारित एक प्रेरणादायक फिल्म का लाइव प्रसारण किया गया। जिसे उपस्थित जनसमूह ने देखा। फिल्म के माध्यम से प्रदेश में सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं विकास के प्रयासों को दर्शाया गया है। इस तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय कॉन्क्लेव के अंतर्गत ‘धम्मा, डायलॉग एंड डेवलपमेंटÓ विषय पर विभिन्न सत्र आयोजित किए गए। जिनमें बौद्ध दर्शन, वैश्विक शांति, सतत विकास एवं सामाजिक समरसता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इन सत्रों में देश-विदेश के विद्वानो ने अपने अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों एवं प्रतिभागियों ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन न केवल बौद्ध धर्म के मूल सिद्धांतों को पुनर्जीवित करने का कार्य करेगा बल्कि समाज में शांति, प्रेम और भाईचारे की भावना को भी सुदृढ़ करता हैं। कार्यक्रम में सभी ने एक स्वर में यह संकल्प लिया कि भगवान बुद्ध के बताए मार्ग पर चलकर विश्व में स्थायी शांति एवं सद्भाव की स्थापना के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने कृषि मंत्री का स्वागत करते हुए बौद्ध भिक्षुक, स्कॉलर, तथा देश-विदेश से आए हुए भंते एवं प्रतिनिधिमंडल के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम के अंत में विश्व शांति के लिए कैंडल लाइट एवं कैंडल पीस मार्च किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रतिभाग कर विश्व को शांति एवं भाईचारे का संदेश दिया। जिलाधिकारी ने
कार्यक्रम की संक्षिप्त जानकारी देते हुए बताया कि कार्यक्रम का मुख्य थीम धम्म, संवाद, विकास एवं जन सहभागिता की रही है। उन्होंने कहा कि बुद्ध के उपदेश उनकी शिक्षा का कैसे पालन करें, विकास, इकोनॉमी व पर्यटन को कैसे बढ़ाया जाए।
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