कुशीनगर, 04 अप्रैल (आरएनएस)। जनपद के पडरौना कोतवाली थाना क्षेत्र के सनेरा मल्ल छपरा गांव निवासी जिला सत्र न्यायालय अधिवक्ता संघ के पूर्व अध्यक्ष प्रसिद्ध नारायण दीक्षित की संदिग्ध परिस्थितियों में अपने घर में घायलावस्था में पाए गए। परिजन उन्हें तत्काल जिला अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक के चेहरे व सिर पर गंभीर चोट के निशान मिलने से मामला हत्या की आशंका की ओर बढ़ गया है।
परिजनों का आरोप है कि पैसों के विवाद को लेकर उनके बड़े बेटे राघवेन्द्र कुमार दीक्षित, बहू सावित्री देवी उर्फ नीतू दीक्षित और नातियों ने मिलकर उनके साथ मारपीट की, जिससे उनकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि राघवेन्द्र दीक्षित पहले हिमाचल प्रदेश में एक कंपनी में क्लर्क तथा एडी हाइड्रो पावर सिविल में फोरमैन के पद पर कार्यरत थे, लेकिन वर्ष 2018 से घर पर ही रह रहे थे। वह अपने व्यवसाय के लिए करीब 10 लाख रुपये की मांग कर रहे थे, जिसे मृतक ने अस्वीकार कर दिए थे। इसी बात को लेकर परिवार में लंबे समय से विवाद चल रहा था। मृतक अपने दोनों बेटों के लिए अलग-अलग मकान बनवा रहे थे और परिवार के बच्चों की पढ़ाई का खर्च भी स्वयं उठा रहे थे। छोटे बेटे अमरेंद्र कुमार जो रोजगार सेवक हैं, ने बताया कि घटना के दिन दोनों भाइयों के बीच विवाद हो रहा था। बीच-बचाव करने पहुंचे पिता पर बड़े बेटे और उसके बच्चों ने हमला कर दिया। घटना के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। इस संबंध में पडरौना के कोतवाल ओमप्रकाश तिवारी ने बताया कि मृतक के पुत्र के कहने पर पोस्टमार्टम कराया गया है, लेकिन अभी तक कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। तहरीर मिलने पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है।
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