एर्नाकुलम,04 अपै्रल (आरएनएस)। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि, केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच एक गलत राजनीतिक डील हो रही है. फोर्ट कोच्चि वेली ग्राउंड में हुई यूडीएफ की रैली में बोलते हुए राहुल गांधी ने यह बात कही.
राहुल ने मुख्यमंत्री पर आरोप लगाया कि वह अपने परिवार और बच्चों को केंद्रीय जांच एजेंसियों से बचाने के लिए पीएम मोदी के सामने केरल के हितों को गिरवी रख रहे हैं. राहुल गांधी ने सवाल किया कि, सिर्फ केरल के मुख्यमंत्री को ही क्यों छूट मिली हुई है, जबकि, भाजपा और आरएसएस का विरोध करने वाले विपक्षी नेताओं को केंद्र सरकार लगातार निशाना बना रही है.
राहुल गांधी ने कहा कि, केंद्र उन्हें इसलिए निशाना बनाते रहती है क्योंकि, वह बिना किसी समझौते के बीजेपी से लड़ते हैं. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि, उनके खिलाफ कई केस दर्ज किए गए हैं. उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि, लेकिन ऐसा क्यों है कि, केरल में न तो सीबीआई और न ही ईडी मुख्यमंत्री या उनके बच्चों से पूछताछ करती है. राहुल ने कहा कि, यह सबसे बड़ा उदाहरण है कि केंद्रीय एजेंसियां मोदी के सामने सरेंडर करने वाले को कभी नहीं छूतीं.
उन्होंने आगे तंज कसते हुए कहा कि, जैसे नरेंद्र मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने सरेंडर करते हैं, वैसे ही पिनाराई विजयन भी मोदी के साथ वैसा ही समझौता कर रहे हैं. राहुल ने आरोप लगाया कि मोदी ने ट्रंप के हितों की रक्षा के लिए भारत के कृषि और ऊर्जा सेक्टर को विदेशी हितों को सौंप दिया है, और जब लोग फ्यूल की बढ़ती कीमतों से परेशान हैं, मोदी अडानी के साथ खड़े हैं. उन्होंने कहा कि पिनाराई विजयन केरल में भी यही स्टाइल अपना रहे हैं.
राहुल गांधी ने सबरीमला मुद्दे पर प्रधानमंत्री की चुप्पी की भी कड़ी आलोचना की. उन्होंने पूछा कि जब सबरीमला से सोना चुराकर उसकी जगह तांबा लाने के गंभीर आरोप हैं, तो प्रधानमंत्री ने एक भी शब्द क्यों नहीं कहा. उन्होंने आगे कहा कि भाजपा चाहती है कि केरल में एलडीएफ जीते क्योंकि उन्हें पता है कि लेफ्ट उनके लिए कोई असली खतरा नहीं बन सकता.
राहुल गांधी ने कहा कि लेफ्ट के राज में केरल ड्रग्स और कर्ज का सेंटर बन गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य और शिक्षा सेक्टर खत्म हो रहे हैं और सरकारी नौकरियां सिर्फ सीपीएम कनेक्शन वालों के लिए रिजर्व कर दी गई हैं. राहुल के मुताबिक, पार्टी की गिरावट से सच्चे लेफ्ट वर्कर भी निराश हैं. उन्होंने कहा कि सीपीएम ने अपनी विचारधारा का त्याग कर दिया है और सत्ता के लिए आरएसएस से हाथ मिलाने वाले एक मूवमेंट में बदल गई है, यही वजह है कि कई सीनियर लीडर अब कांग्रेस में शामिल हो रहे हैं.
उन्होंने लोगों से आरएसएस और भाजपा के खिलाफ कांग्रेस की लड़ाई में एकजुट होने की अपील की, जिन पर उन्होंने केरल के धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने को खत्म करने की कोशिश करने का आरोप लगाया. राहुल ने यह कहते हुए अपनी बात खत्म की कि आने वाले चुनाव में यूडीएफ की जीत केरल के बने रहने के लिए जरूरी है.
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