दुर्ग, 06 अप्रैल (आरएनएस)। आनंद सरोवर में वल्र्ड नेचुरोपैथी आर्गेनाइजेशन की ओर से आयोजित भव्य गोष्ठी एवं सेमिनार में प्राकृतिक चिकित्सा, योग और स्वस्थ जीवनशैली को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों, चिकित्सकों एवं गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। मुख्य अतिथि योग गुरु श्रीमती ममता साहू ने अपने उद्बोधन में नाभि को शरीर का प्रमुख केंद्र बताते हुए कहा कि यहां लगभग 72,000 नाडिय़ां मिलती हैं और प्रतिदिन नाभि में तेल डालने से स्वास्थ्य लाभ मिल सकता है। उन्होंने उपस्थित लोगों को भस्त्रिका प्राणायाम, सूर्य नमस्कार एवं अन्य योग क्रियाओं का अभ्यास भी कराया। प्राकृतिक चिकित्सक डॉ. मेहराज साहू ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने किडनी, शुगर, ब्लड प्रेशर और माइग्रेन जैसे रोगों में प्राकृतिक चिकित्सा से लाभ पहुंचाया है। मुख्य वक्ता आचार्य डॉ. अजय आर्य ने कहा कि अस्वाभाविक जीवनशैली ही रोगों का कारण बनती है और संतुलित दिनचर्या, समय पर भोजन तथा नियमित योग-प्राणायाम से स्वस्थ जीवन संभव है। इस वर्ष संस्था द्वारा मड थेरेपी को थीम बनाया गया है, जिसके अंतर्गत डॉ. निर्मला गुप्ता ने मुल्तानी मिट्टी से फेस पैक बनाने का प्रदर्शन किया, जिसे प्रतिभागियों ने लाभकारी बताया। कार्यक्रम में तुलसी और गोबर के सीमित उपयोग जैसे पारंपरिक उपचारों पर भी चर्चा हुई तथा प्रकृति से जुड़ाव बढ़ाने पर जोर दिया गया। अध्यक्षता बी.के. गीता बहन ने की, जबकि संचालन नीता चौरसिया ने किया और संयोजन मनोज ठाकरे द्वारा किया गया। अंत में सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए बताया गया कि आगामी सप्ताह में मड थेरेपी और मड स्नान पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। वक्ताओं ने यह भी कहा कि व्यक्ति की पहली क्लीनिक उसकी रसोई होती है, जहां मौजूद अजवाइन, जीरा, सरसों और हल्दी जैसे मसाले पाचन सुधारने, इम्युनिटी बढ़ाने और सामान्य बीमारियों से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
बंछोर
000
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

