धमतरी, 06 अप्रैल (आरएनएस)। जिले के मगरलोड विकासखंड में जल संरक्षण और भूजल स्तर को बढ़ाने के उद्देश्य से मोर गांव मोर पानी मोर तरिया अभियान (नवा तरिया आय के जरिया) के तहत नए तालाबों के निर्माण की महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। यह अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में जल संसाधनों के संरक्षण, वर्षा जल संचयन और पानी की स्थायी उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में चलाया जा रहा है। मगरलोड विकासखंड की विभिन्न ग्राम पंचायतों में क्लार्ट जोन के आधार पर तालाब निर्माण की योजना तैयार की गई है, जिससे स्थानीय स्तर पर जल संकट की समस्या को दूर करने में मदद मिलेगी।
इस योजना के अंतर्गत मगरलोड विकासखंड की सात ग्राम पंचायतों में कुल सात नए तालाबों के निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इन तालाबों का कुल क्षेत्रफल लगभग 12 एकड़ रखा गया है। तालाबों के निर्माण से न केवल वर्षा जल का संचयन होगा, बल्कि इससे खेती, पशुपालन और अन्य ग्रामीण गतिविधियों को भी लाभ मिलेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से जल संरक्षण की आवश्यकता महसूस की जा रही थी और इस अभियान के माध्यम से इस दिशा में ठोस कदम उठाया जा रहा है।
मगरलोड विकासखंड के अंतर्गत कोरगांव ग्राम पंचायत में लगभग 3 एकड़ क्षेत्र में तालाब निर्माण का प्रस्ताव रखा गया है। यह क्षेत्र क्लार्ट जोन के आधार पर चयनित किया गया है जहां जल संचयन की अत्यधिक आवश्यकता है। तालाब बनने से आसपास के खेतों में सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होगा और भूजल स्तर में भी सुधार आएगा। ग्रामीणों का मानना है कि इस तरह के जल संरक्षण कार्यों से गांव के विकास को नई दिशा मिलेगी। इसी प्रकार मोहंदी ग्राम पंचायत में भी तालाब निर्माण का कार्य प्रस्तावित है। यहां लगभग 1 एकड़ क्षेत्र में तालाब बनाया जाएगा। यह क्षेत्र भी क्लार्ट जोन में शामिल है जहां जल संरक्षण की दृष्टि से यह कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। तालाब निर्माण से वर्षा के दौरान बहकर जाने वाला पानी संरक्षित होगा और इसका उपयोग खेती तथा अन्य जरूरतों के लिए किया जा सकेगा। मोहंदी के अंतर्गत आने वाले जामली क्षेत्र में भी एक तालाब के निर्माण का प्रस्ताव है। यहां लगभग 1 एकड़ क्षेत्र में तालाब बनाया जाएगा। इस क्षेत्र में जल संचयन की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण गर्मियों के दौरान पानी की कमी देखने को मिलती है। नए तालाब के निर्माण से इस समस्या को काफी हद तक दूर करने में मदद मिलेगी।
केकराराखोली ग्राम पंचायत में भी 2 एकड़ क्षेत्र में तालाब निर्माण की योजना तैयार की गई है। यह क्षेत्र लाल क्लार्ट जोन में आता है, जहां जल संचयन और संरक्षण की अत्यधिक आवश्यकता है। तालाब बनने से ग्रामीणों को सिंचाई के लिए अतिरिक्त जल स्रोत मिलेगा और खेतों की उत्पादकता में भी वृद्धि होगी। बिरझुली ग्राम पंचायत में 2 एकड़ क्षेत्र में तालाब निर्माण प्रस्तावित है। यह क्षेत्र पीला क्लार्ट जोन में आता है, जहां मध्यम स्तर पर जल संरक्षण कार्यों की आवश्यकता बताई गई है। तालाब निर्माण से यहां के किसानों को लाभ मिलेगा और आसपास के क्षेत्रों में भी जल स्तर बेहतर होने की संभावना है। बोईरगांव ग्राम पंचायत में भी लगभग 1.5 एकड़ क्षेत्र में तालाब निर्माण की योजना बनाई गई है। इस क्षेत्र में जल संरक्षण की दिशा में यह कदम बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। तालाब बनने से ग्रामीणों को घरेलू उपयोग और खेती के लिए पानी उपलब्ध होगा। मारागांव ग्राम पंचायत में भी लगभग 1.5 एकड़ क्षेत्र में तालाब निर्माण का प्रस्ताव रखा गया है। यह क्षेत्र भी क्लार्ट जोन के आधार पर चयनित किया गया है। यहां तालाब बनने से वर्षा जल का संचयन होगा और जल संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव हो सकेगा।
इन सभी तालाबों का निर्माण मोर गांव मोर पानी मोर तरिया अभियान (नवा तरिया आय के जरिया) के तहत किया जाएगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य गांवों में जल स्रोतों का निर्माण करना, वर्षा जल को संरक्षित करना तथा ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट की समस्या को कम करना है। ग्रामीणों का कहना है कि तालाब निर्माण से गांवों में पानी की उपलब्धता बढ़ेगी और इससे खेती-किसानी को भी काफी लाभ मिलेगा। इसके अलावा तालाब बनने से पशुओं के लिए भी पानी उपलब्ध होगा और पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी। तालाबों के आसपास हरियाली बढ़ेगी और भूजल स्तर में सुधार आएगा।
इस संबंध में सीईओ जिला पंचायत धमतरी श्री गजेन्द्र सिंह ठाकुर ने बताया कि मोर गांव मोर पानी मोर तरिया अभियान के अंतर्गत जिले में जल संरक्षण के कई महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। मगरलोड विकासखंड की ग्राम पंचायतों में क्लार्ट जोन के आधार पर नए तालाबों का निर्माण कराया जाएगा। इन तालाबों से वर्षा जल का संचयन होगा और ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता बढ़ेगी। यह योजना जल संरक्षण के साथ-साथ किसानों की आय बढ़ाने में भी सहायक सिद्ध होगी।
उन्होंने आगे कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि गांवों में अधिक से अधिक जल संरक्षण कार्य किए जाएं ताकि भविष्य में पानी की कमी की समस्या से बचा जा सके। तालाब निर्माण से न केवल जल संसाधनों का संरक्षण होगा बल्कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
मगरलोड विकासखंड की ग्राम पंचायतों में प्रस्तावित इन सात तालाबों के निर्माण से क्षेत्र में जल प्रबंधन की स्थिति बेहतर होगी। कुल 12 एकड़ क्षेत्र में बनने वाले ये तालाब गांवों के लिए स्थायी जल स्रोत के रूप में काम करेंगे। प्रशासन और ग्रामीणों के सहयोग से यह अभियान जल संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
मोर गांव मोर पानी मोर तरिया अभियान (नवा तरिया आय के जरिया) के तहत किए जा रहे इन कार्यों से न केवल जल संसाधनों का संरक्षण होगा बल्कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में भी मदद मिलेगी। आने वाले समय में यदि इसी तरह जल संरक्षण के प्रयास जारी रहे तो ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।
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