बिलासपुर 6 अप्रैल (आरएनएस) पेण्ड्रा से बिलासपुर तक नशे की सप्लाई का पूरा खेल एक कार में सेट था… लेकिन रतनपुर पुलिस की सटीक घेराबंदी ने रास्ते में ही इस ड्रग नेटवर्क की कमर तोड़ दी और लाखों का गांजा लेकर जा रहा तस्कर रंगे हाथ दबोच लिया गया। बिलासपुर जिले के थाना रतनपुर क्षेत्र में 5 अप्रैल 2026 को उस वक्त बड़ा खुलासा हुआ जब मुखबिर से सूचना मिली कि एक युवक नीले रंग की स्विफ्ट डिजायर कार में भारी मात्रा में गांजा लेकर पेण्ड्रा से बिलासपुर की ओर सप्लाई के लिए निकल चुका है, सूचना मिलते ही थाना प्रभारी अंशिका जैन के नेतृत्व में टीम अलर्ट हुई, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मधुलिका सिंह व एसडीओपी कोटा नूपुर उपाध्याय के मार्गदर्शन में तत्काल रेड प्लान तैयार हुआ, पुलिस टीम ने ग्राम घॉसीपुर के पास घेराबंदी कर संदिग्ध कार को रोका और जैसे ही तलाशी शुरू हुई पूरा राज खुल गया, कार के अंदर से 3.329 किलोग्राम गांजा जिसकी कीमत लगभग 1,65,000 रुपये आंकी गई, 02 वॉकी-टॉकी, 01 मोबाइल फोन और परिवहन में प्रयुक्त स्विफ्ट डिजायर कार बरामद की गई, कुल जब्ती करीब 6,77,000 रुपये की रही, मौके पर पकड़े गए आरोपी की पहचान सौरभ मिश्रा पिता स्वर्गीय अनिल मिश्रा उम्र 26 वर्ष निवासी ग्राम धनगंवा थाना गौरेला जिला गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही (छत्तीसगढ़) के रूप में हुई, जो संगठित तरीके से गांजा तस्करी में संलिप्त पाया गया, पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि वह गांजा बिलासपुर में बिक्री के लिए लेकर जा रहा था और इसके लिए लगातार रूट बदलकर पुलिस से बचने की कोशिश कर रहा था, पुलिस अब आरोपी के नेटवर्क, सप्लाई चेन और अन्य सहयोगियों की तलाश में जुटी है, इस मामले में आरोपी के खिलाफ नारकोटिक एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया जहां से न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया, इस कार्रवाई में सउनि पवन सिंह, प्रधान आरक्षक सैय्यद अकबर अली, आरक्षक संजय यादव और महिला आरक्षक अंजेला खलखो की अहम भूमिका रही, यह कार्रवाई साफ संदेश देती है कि अब नशे के सौदागरों के लिए कोई रास्ता सुरक्षित नहीं बचा… क्योंकि पुलिस की नजर हर मूवमेंट पर है और अगली बारी किसी भी तस्कर की हो सकती है।
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