रायगढ़, 7 अप्रैल (आरएनएस ) फरार आरोपियों के लिए अब रायगढ़ में छिपना नामुमकिन होता जा रहा है, “ऑपरेशन तलाश” के तहत पुलिस ने ऐसा जाल बिछाया कि एनडीपीएस, पॉक्सो और चोरी जैसे गंभीर मामलों में महीनों से फरार आरोपी एक-एक कर पकड़ में आने लगे, तमनार पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई में तीन अलग-अलग मामलों के फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया और साफ संदेश दे दिया गया कि कानून से भागना अब आसान नहीं रहा। पूरी कार्रवाई एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में 6 अप्रैल को अंजाम दी गई, जहां सबसे पहले एनडीपीएस एक्ट के मामले में फरार आरोपी सुबोध सा पिता स्व. मोतीलाल सा उम्र 37 वर्ष निवासी ग्राम टपरिया थाना तमनार को पकड़ा गया, यह वही आरोपी था जो 26 फरवरी 2026 को पकड़े गए गांजा तस्करों नरेश यादव और सुरेंद्र रजवाड़े के साथ नेटवर्क में शामिल था और 12.410 किलोग्राम गांजा जब्ती के बाद से फरार चल रहा था, पुलिस ने लगातार पतासाजी, मुखबिर तंत्र और निगरानी के बाद उसे हिरासत में लिया, पूछताछ में उसने अपराध स्वीकार किया और गांजा बिक्री की 2000 रुपये रकम भी बरामद हुई, जिसके बाद उसे अपराध क्रमांक 44/2026 धारा 20(बी) एनडीपीएस एक्ट में गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। इसी दिन पॉक्सो एक्ट के सनसनीखेज मामले में फरार आरोपी राजेन्द्र यादव पिता हेम सागर यादव उम्र 25 वर्ष निवासी ग्राम भैसगढ़ी थाना तमनार को भी पुलिस ने दबोच लिया, यह मामला 2 मार्च 2026 को ग्राम कसडोल स्थित घटेश्वरी मंदिर में बालिका से छेड़छाड़ का था जिसमें पहले ही राज मलिक और लक्ष्य साहू गिरफ्तार हो चुके थे, लेकिन राजेन्द्र घटना के बाद से फरार था, तमनार पुलिस ने मुखबिर सूचना के आधार पर उसके गांव में दबिश दी, हिरासत में लेकर पूछताछ की गई और अपराध स्वीकार करने के बाद उसे अपराध क्रमांक 49/2026 धारा 74, 3(5) बीएनएस एवं 8, 12 पॉक्सो एक्ट के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। वहीं चोरी के एक और मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए मुजम्मिल हक उर्फ शहंशाह पिता — उम्र 36 वर्ष निवासी ग्राम टपरंगा (किराये का मकान) को गिरफ्तार किया, यह मामला 12 फरवरी 2026 को बांझीखोल सोलर प्लांट से कॉपर केबल चोरी का था, पहले पकड़े गए आरोपी सुरेश सिदार से पूछताछ में सामने आया कि चोरी का माल मुजम्मिल को बेचा गया था, इसके बाद पुलिस ने लगातार खोजबीन कर उसे हिरासत में लिया और पूछताछ में उसके कब्जे से 10 किलो कॉपर वायर बरामद किया, पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर उसे अपराध क्रमांक 34/2026 धारा 303(2), 317(2), 3(5) बीएनएस के तहत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी तमनार निरीक्षक प्रशांत राव और उनकी टीम की सक्रिय भूमिका रही, जिन्होंने मुखबिर सूचना, तकनीकी जांच और सटीक दबिश के जरिए फरार आरोपियों को धर दबोचा। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अपराध कर भागने वालों के लिए अब कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं बचा है, पुलिस का सूचनातंत्र लगातार मजबूत हो रहा है और “ऑपरेशन तलाश” तब तक जारी रहेगा जब तक हर फरार आरोपी कानून के शिकंजे में नहीं आ जाता—क्योंकि अब रायगढ़ में अपराध करना ही नहीं, बचना भी नामुमकिन होता जा रहा है।
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