कोरबा, 7 अप्रैल (आरएनएस) अस्पताल के पोस्टमार्टम कक्ष में हुई मारपीट ने आखिरकार एक जान ले ली और अब आरोपी सरपंच सलाखों के पीछे है, “सजग कोरबा–सतर्क कोरबा” अभियान के तहत सिविल लाइन रामपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उस आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जिसने ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी को इतनी बेरहमी से दीवार में पटका कि उसकी जान चली गई, घटना 30 मार्च 2026 की है जब जिला मेडिकल अस्पताल कोरबा के पोस्टमार्टम कक्ष में कार्यरत कर्मचारी के साथ आरोपी ने शासकीय कार्य में बाधा डालते हुए पहले गाली-गलौज की, फिर कॉलर पकड़कर जोर से दीवार में दे मारा, वार इतना गंभीर था कि कर्मचारी के सिर में गहरी चोट आई और उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां कई दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद 6 अप्रैल 2026 को उसकी मौत हो गई, इस घटना ने अस्पताल और पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी, पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू की, चिकित्सकीय पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर में लगी चोट और उससे उत्पन्न जटिलताओं को मौत का कारण बताया गया, जांच के दौरान साक्ष्य मिलने पर मामले में धारा 105 बीएनएस भी जोड़ी गई और अपराध क्रमांक 279/2026 धारा 296, 115(2), 132, 121(1) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज किया गया, आरोपी की पहचान जयवीर सिंह तंवर उर्फ राजेश पिता हीरा सिंह तंवर उम्र 31 वर्ष निवासी पटेलपारा ग्राम बेंदरकोना वार्ड क्रमांक 12 पोस्ट गोढ़ी थाना सिविल लाइन रामपुर जिला कोरबा के रूप में हुई, जो स्थानीय स्तर पर सरपंच भी बताया जा रहा है, पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया, इस पूरी कार्रवाई में सिविल लाइन रामपुर पुलिस ने तेजी दिखाते हुए आरोपी को कानून के शिकंजे में लिया और साफ संदेश दिया कि सरकारी ड्यूटी में बाधा और हिंसा किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी, “सजग कोरबा–सतर्क कोरबा” अभियान के तहत पुलिस की यह कार्रवाई बताती है कि अब कानून से ऊपर कोई नहीं—और एक पल की दबंगई सीधे जेल की सलाखों तक पहुंचा सकती है।
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