– सुप्रसिद्ध कथा व्यास मां चैतन्य मीरा जी के श्रीमुख से हुआ श्रीमद्भागवत कथा वाचन
-श्रीमद् भागवत कथा ही कृष्ण और राम है
रांची 7 अप्रैल (आरएनएस)। सेठ रामेश्वर लाल पोद्दार भवन न्यास मंडल के तत्वावधान में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का भव्य एवं दिव्य आयोजन रांची के चुटिया स्थित सेठ रामेश्वर लाल पोद्दार स्मृति भवन (धर्मशाला) में 7 अप्रैल से 13 अप्रैल तक किया जा रहा. जिसका शुभारंभ मंगलवार को भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ. यह कलश यात्रा राम मंदिर से प्रारंभ होकर चुटिया धर्मशाला पहुंची.जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु महिलाएं एवं पुरुष पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए. कलश यात्रा में सुप्रसिद्ध कथा व्यास मां चैतन्य मीरा भी ध्वज लेकर साथ चलें. बैंड बाजे के साथ कलश यात्रा के दौरान भक्ति गीत, भजन एवं जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया ।इस धार्मिक आयोजन के मुख्य यजमान श्री रघुनंदन टिबड़ेवाल एवं कथा का आयोजन समस्त टिबड़ेवाल परिवार के सौजन्य से किया जा रहा है, जिनकी सक्रिय सहभागिता से यह कार्यक्रम भव्य रूप ले रहा है।
आज कथा के प्रथम दिवस में प्रारम्भ नासिक से पधारी मां चैतन्य मीरा के द्वारा श्रीमद् भागवत कथा श्रवण करने का और श्रीमद् भागवत कथा का जीवन में उतारने का क्या महत्व है बताया गयाद्य गुरु मां ने बताया कि इस कथा को यदि हम पूर्ण नियम के साथ श्रवण करते हैं तो श्रीमद् भागवत कथा हमारे जीवन में सदमार्ग और आपसी प्रेम सामंजस्य को बनाए रखने को सिखाती है। आज कथा के माध्यम से यह भी जाना कि वास्तव में प्रभु श्री राम और प्रभु श्री कृष्ण श्रीमद् भागवत ही है जो इस संपूर्ण सृष्टि के पालनहार है । कथा में सभी भक्तों ने कथा श्रवनामृत के साथ-साथ भजनों पर भी आनंद प्राप्त किया । कथा में मुख्य रूप से योगिता सत्संग के स्वामी श्री सत्संग आनंद जी महाराज महेश पोद्दार संजीव विजय वर्गीय उपस्थित हुए. न्यास मंडल सभी को गुरु मां द्वारा सम्मानित किया गया. साथ हीं
अनूप दधीचि की पूरी टीम को सम्मानित किया गया. आयोजन से जुड़ी जानकारी देते हुए कार्यक्रम संयोजिका रेखा अग्रवाल एवं मीडिया प्रभारी अनु पोद्दार ने बताया कि इस सात दिवसीय कथा के माध्यम से समाज में धार्मिक जागरूकता एवं आध्यात्मिक चेतना का प्रसार होगा. बता दें कि
कथा व्यास मां चैतन्य जी के श्रीमुख से प्रतिदिन दोपहर 2:30 बजे से सायं 5 बजे तक पावन कथा वाचन किया जाएगा। कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, भक्ति के महत्व एवं जीवन के आध्यात्मिक रहस्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला जाएगा,जिससे श्रद्धालुओं को धर्म, ज्ञान और भक्ति का मार्गदर्शन प्राप्त होगा. न्यास मंडल ने सभी श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस पुण्य अवसर का लाभ उठाएं।
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