रायपुर, 07 अप्रैल (आरएनएस)। रायपुर पुलिस ने फर्जी एमबीबीएस डिग्री के आधार पर मेडिकल प्रैक्टिस कर रहे युवक अंकित तिवारी को गिरफ्तार किया है। आरोपी दुर्ग-भिलाई क्षेत्र में खुद को डॉक्टर बताकर मरीजों का इलाज कर रहा था। मामले में सिविल लाइन थाना में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है कि दिल्ली में सक्रिय एक गिरोह फर्जी डिग्री तैयार कर युवकों को उपलब्ध करा रहा था। यह गैंग डी. वाई. पाटिल विद्यापीठ, पुणे के नाम से नकली एमबीबीएस डिग्री बनाकर बेचता था। पुलिस ने इस गिरोह के सरगना साक्षी सिंह को दो दिन की रिमांड पर लिया है, जिससे पूछताछ जारी है।पुलिस के मुताबिक इस मामले में जुड़े अन्य चार आरोपी—भुनेश्वर बंजारे, नरेश मनहर, हीरा दिवाकर और राकेश रात्रे—पहले से ही रायपुर जेल में बंद हैं। इन आरोपियों के जरिए कई लोगों को फर्जी डिग्री दिलाई गई, जो अलग-अलग जगहों पर मेडिकल प्रैक्टिस कर रहे थे।पुलिस ने आरोपी के पास से फर्जी डिग्री से जुड़े दस्तावेज जब्त कर लिए हैं। आरोपी अंकित तिवारी ने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है। अब पुलिस उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।पुलिस अधिकारियो का कहना है कि फर्जी डिग्री के आधार पर मेडिकल प्रैक्टिस करना गंभीर अपराध है और इससे आम लोगों के स्वास्थ्य पर बड़ा खतरा पैदा होता है। मामले में डिजिटल साक्ष्य और आरटीआई के माध्यम से भी जांच की जा रही है।पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी फर्जी डॉक्टर या संदिग्ध मेडिकल प्रैक्टिस की जानकारी मिले, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। इस मामले में आगे की कार्रवाई कोर्ट के निर्देशानुसार की जाएगी।
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