रुद्रपुर,07 अपै्रल (आरएनएस)। गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में प्रदेश के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि पहले किसान मंडुवा (रागी) को मजबूरी में साहूकारों को कम कीमत पर बेचते थे, लेकिन अब स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं सीधे किसानों के घर जाकर एमएसपी पर खरीद करेंगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 5 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं और सरकार की योजना है कि ये ‘दीदियां’ किसानों से मंडुवा की खरीद कर उन्हें सही दाम दिलाएं। इससे किसानों को लाभ मिलेगा और प्रधानमंत्री के ‘लखपति दीदी’ अभियान को भी मजबूती मिलेगी। कृषि मंत्री ने बताया कि नई तकनीकों के उपयोग से राज्य में कृषि उत्पादन तेजी से बढ़ रहा है। सेब उत्पादन का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि उत्तराखंड अब कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के बाद तीसरे स्थान पर है और वर्ष 2030 तक इन राज्यों की बराबरी करने का लक्ष्य रखा गया है। हाई डेंसिटी तकनीक से सेब उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि भले ही राज्य में कृषि भूमि का क्षेत्रफल कुछ कम हुआ है, लेकिन आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक पद्धतियों के कारण उत्पादन बढ़ा है। देश आज खाद्यान्न के मामले में आत्मनिर्भर है और प्रधानमंत्री के नेतृत्व में 140 करोड़ लोगों की जरूरतें पूरी की जा रही हैं। जोशी ने वैज्ञानिकों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि अनुसंधान अब प्रयोगशालाओं तक सीमित न रहकर सीधे किसानों के खेतों तक पहुंच रहा है, जिससे 3.76 लाख से अधिक किसानों को लाभ मिला है। उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि अब उनकी जिम्मेदारी बढ़ गई है और उन्हें अपने ज्ञान का उपयोग देश और समाज के विकास में करना चाहिए। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने गांवों में जाकर कृषि और नवाचार के माध्यम से रोजगार सृजन करें। कार्यक्रम के अंत में कृषि मंत्री ने विश्वविद्यालय प्रशासन, वैज्ञानिकों, शिक्षकों और सभी उपाधि प्राप्त विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं।
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