बीजापुर,08 अप्रैल (आरएनएस)। बीजापुर जिले के उसूर ब्लॉक के धर्मावरम गांव से एक दिल को छू लेने वाली प्रेरणादायक कहानी सामने आई है। कभी नक्सलवाद की छाया में घिरे इस क्षेत्र में अब विकास की रोशनी साफ दिखाई देने लगी है। शासन की योजनाएं अब दूरस्थ और अंदरूनी गांवों तक पहुंचकर लोगों के जीवन में वास्तविक बदलाव ला रही हैं।इसी बदलाव की जीती-जागती मिसाल हैं 60 वर्षीय गुण्डी बुचम्मा। वर्षों तक कच्चे और खपरैल वाले घर में जीवन बिताने के बाद आज उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान मिला है। यह घर उनके परिवार के लिए सिर्फ चार दीवारें नहीं, बल्कि एक सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन का प्रतीक बन गया है।गुण्डी बुचम्मा का परिवार लंबे समय से बेहतर आवास का इंतजार कर रहा था। बारिश के दिनों में घर की छत से पानी टपकना, असुरक्षा और कठिन परिस्थितियों में जीवन बिताना उनकी रोजमर्रा की हकीकत थी। लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। उनके बेटे जगत बुचम्मा बताते हैं कि नए पक्के मकान में अब उनका परिवार सुरक्षित और आरामदायक जीवन जी रहा है।स्थानीय लोगों के अनुसार, पहले जहां विकास कार्यों में नक्सल प्रभाव के कारण रुकावटें आती थीं, अब वहां तेजी से सकारात्मक परिवर्तन हो रहा है। शासन की योजनाएं प्रभावी ढंग से लागू हो रही हैं और लोगों का भरोसा भी बढ़ रहा है।यह कहानी सिर्फ एक परिवार की नहीं, बल्कि बदलते बीजापुर की तस्वीर है—जहां अब डर की जगह विकास, और निराशा की जगह उम्मीद ने ले ली है।
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