लखनऊ 8 अप्रैल (आरएनएस ): शहर में कूड़े के उठान से लेकर उसके निस्तारण तक की व्यवस्था को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से बुधवार को नगर निगम मुख्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता महापौर स्ह्वह्यद्धद्वड्ड ्यद्धड्डह्म्द्म2ड्डद्य ने की, जिसमें नगर आयुक्त गौरव कुमार भी उपस्थित रहे। इस दौरान शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।बैठक में अपर नगर आयुक्त ललित कुमार, पंकज श्रीवास्तव, अरुण कुमार गुप्त, डॉ. अरविंद कुमार राव, जलकल महाप्रबंधक कुलदीप सिंह सहित नगर स्वास्थ्य अधिकारी पी.के. श्रीवास्तव, सभी जोनल अधिकारी, जोनल स्वच्छता अधिकारी तथा अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर कार्यों को तेज करने पर विशेष जोर दिया गया।जोनवार समीक्षा के दौरान महापौर ने घर-घर से कूड़ा एकत्र करने की व्यवस्था की स्थिति की जानकारी ली। इस दौरान कूड़ा समय से नहीं उठने और कूड़ा घरों में कचरा जमा रहने की शिकायतों पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब कूड़ा उठाने वाले वाहन क्षेत्रों में जा रहे हैं, तो घरों से कूड़ा क्यों नहीं उठ रहा और शहर में जगह-जगह कचरे के ढेर क्यों दिखाई दे रहे हैं।महापौर ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि अब प्रतिदिन सुबह नियंत्रण कक्ष से सभी जोनल अधिकारियों और स्वच्छता अधिकारियों की निगरानी की जाएगी। सभी अधिकारियों को अपनी उपस्थिति की स्थिति साझा करनी होगी। यदि कोई भी अधिकारी पांच मिनट से अधिक समय तक सूचना देने में देरी करता है, तो उसके खिलाफ एक दिन के वेतन की कटौती की जाएगी।उन्होंने समस्त अपर नगर आयुक्तों को निर्देश दिए कि वे प्रतिदिन सुबह 6 बजे अपने-अपने क्षेत्रों में अनिवार्य रूप से निरीक्षण करें और सफाई व्यवस्था के कार्यों की मौके पर निगरानी करें। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर निरीक्षण से ही वास्तविक स्थिति का सही आकलन संभव है और इससे कार्यों में सुधार सुनिश्चित किया जा सकेगा।महापौर ने कहा कि जिन वार्डों में कूड़ा पड़ाव स्थल बन चुके हैं, वहां यदि किसी अन्य स्थान पर कूड़ा डंप पाया जाता है, तो संबंधित जोनल अधिकारी और स्वच्छता अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही संबंधित संस्थाओं को निर्देश दिए गए कि सभी अधूरे कूड़ा पड़ाव स्थल 30 अप्रैल तक पूर्ण कर लिए जाएं, अन्यथा सख्त कार्रवाई की जाएगी।बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि प्रत्येक जोनल अधिकारी और स्वच्छता अधिकारी की जिम्मेदारी है कि उनके क्षेत्र में कोई भी अवैध ठेलिया संचालित न हो। यदि ऐसी गतिविधि पाई जाती है, तो तत्काल ठेलिया जब्त कर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाए।महापौर ने कार्यदायी संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि कोई संस्था कार्य में लापरवाही बरतती है, तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे कार्य से वंचित किया जाए। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि इस मामले में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।इसके साथ ही निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट के निस्तारण को लेकर भी अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में ऐसा अपशिष्ट दिखाई देता है, तो उसकी तस्वीर लेकर संबंधित अभियंता को भेजी जाए और इसकी सूचना महापौर तथा नगर आयुक्त को भी उपलब्ध कराई जाए, ताकि शिकायतों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जा सके।
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