—- नोडल एवं पर्यवेक्षणीय अधिकारियों की गई तैनाती, भौतिक सत्यापन अनिवार्य।
कुशीनगर, 08 अप्रैल (आरएनएस) जनपद में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत खाद्यान्न वितरण को पारदर्शी, समयबद्ध एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी महेन्द्र सिंह तंवर ने विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहा है कि पात्र लाभार्थियों तक खाद्यान्न की शत- प्रतिशत उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया है कि जनपद की सभी उचित दर दुकानों पर खाद्यान्न का माहवार भौतिक सत्यापन नोडल अधिकारियों के माध्यम से वितरण से पूर्व अनिवार्य रूप से कराया जाए। सत्यापन के उपरांत ही वितरण सुनिश्चित किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित उप जिलाधिकारियों की होगी। खाद्यान्न की आपूर्ति एवं वितरण प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने हेतु रीयल-टाइम ऑनलाइन फीडिंग प्रणाली लागू की गई है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि खाद्यान्न किस दुकान पर, किस समय एवं किस माध्यम से पहुंच रहा है। खाद्यान्न के पहुंचने की सूचना संबंधित अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को समय से उपलब्ध कराई जाएगी। नोडल एवं पर्यवेक्षणीय अधिकारियों की उपस्थिति में ही खाद्यान्न का वितरण कराया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता न हो। साथ ही वितरण की सतत निगरानी हेतु क्षेत्रवार पर्यवेक्षकों की तैनाती की गई है, जो भ्रमणशील रहकर वितरण प्रक्रिया पर नजर रखेंगे। खाद्यायुक्त के निर्देशानुसार, पात्र गृहस्थी राशन कार्ड धारकों को प्रति यूनिट 01 किग्रा गेहूं एवं 04 किग्रा चावल (कुल 05 किग्रा) तथा अन्त्योदय कार्ड धारकों को प्रति कार्ड 10 किग्रा गेहूं एवं 25 किग्रा चावल (कुल 35 किग्रा) का नि:शुल्क वितरण सुनिश्चित किया जाएगा। सभी वितरण ई-पॉस मशीन के माध्यम से किया जाएगा, जिसमें मूल्य “शून्य” प्रदर्शित होना अनिवार्य होगा। जिलाधिकारी ने कहा कि घटतौली, कालाबाजारी या किसी भी प्रकार की अनियमितता पर ‘जीरो टॉलरेंसÓ नीति के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। शिकायतों के निस्तारण हेतु टोल फ्री नंबर 1967 एवं 1800-1800-150 को सक्रिय रखा गया है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे नियमित निरीक्षण करते हुए वितरण व्यवस्था की सतत समीक्षा करें तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध तत्काल विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने कहा है कि पारदर्शी एवं सुचारु वितरण व्यवस्था सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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