कुशीनगर, 08 अप्रैल (आरएनएस)। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर के निर्देशानुसार भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश शासन द्वारा संचालित जनगणना-2027 के प्रथम चरण, मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना के सफल एवं समयबद्ध संचालन हेतु जनपद स्तर पर विभिन्न अधिकारियों एवं विभागों के दायित्व निर्धारित कर दिए गए हैं। यह कार्य राष्ट्रीय महत्व की आधारभूत जनगणना गतिविधि है। जिसके अंतर्गत आवश्यक दिशा-निर्देश एवं मानक संचालन प्रक्रिया एसओपी जारी की गई है।
जारी आदेश के अनुसार समस्त उप जिलाधिकारी एवं चार्ज अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों के रूप में नामित कार्मिकों का विवरण संकलित कर उनका डेटा समयबद्ध रूप से सी0एम0 एम0एस0 पोर्टल पर अपलोड कराया जाए। तकनीकी समस्याओं के समाधान हेतु आवश्यकतानुसार एन0आई0सी0 से समन्वय स्थापित किया जाएगा।
जनपद के सभी प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम 15 अप्रैल से 06 मई के मध्य आयोजित किया जाएगा। प्रशिक्षण स्थलों का निर्धारण तथा प्रशिक्षण की समुचित व्यवस्था संबंधित अधिकारियों द्वारा सुनिश्चित की जाएगी। प्रत्येक प्रगणक को उसके निवास अथवा कार्यस्थल के निकट मकानसूचीकरण ब्लॉक आवंटित किया जाएगा, जिसमें लगभग 700 से 800 जनसंख्या अथवा 150 से 180 जनगणना मकानों का कार्यक्षेत्र निर्धारित रहेगा। सी0एम0 एम0एस0 पोर्टल से प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों के नियुक्ति पत्र एवं पहचान पत्र (आई0डी0 कार्ड) जनरेट कर चार्ज अधिकारी द्वारा हस्ताक्षरित कर संबंधित कार्मिकों को उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रशिक्षण कार्यक्रमों के दौरान उपस्थित कार्मिकों का समुचित अभिलेखन किया जाएगा तथा अनुपस्थित कार्मिकों के विरुद्ध तत्काल आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। खण्ड शिक्षा अधिकारियों को उपस्थिति सुनिश्चित कराने हेतु निर्देशित किया गया है। प्रशिक्षण कार्यक्रमों के निरीक्षण हेतु निरीक्षण पुस्तिका तैयार कराई जाएगी, जिसे जिला प्रभारी के माध्यम से निदेशालय को प्रेषित किया जाएगा। साथ ही, तहसील एवं नगर निकाय स्तर पर आयोजित प्रशिक्षणों की सूचना संकलित कर बुकलेट तैयार की जाएगी तथा प्रतिदिन की प्रगति रिपोर्ट अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) एवं जिला जनगणना अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी। जनगणना कार्यों के सुचारु संचालन हेतु जिला प्रशासन द्वारा संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएंगी तथा कार्यों की दैनिक प्रगति की निगरानी की जाएगी। जिला सूचना एवं विज्ञान अधिकारी द्वारा तकनीकी समन्वय, जिला पंचायत राज अधिकारी एवं जिला सूचना अधिकारी द्वारा ग्राम स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार तथा जिला विद्यालय निरीक्षक एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रमों में उपस्थिति सुनिश्चित कराने का दायित्व निर्वहन किया जाएगा। ग्राम पंचायतों के माध्यम से स्व-गणना एवं जनगणना कार्यों के संबंध में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। स्व-गणना अवधि 07 मई से 21 मई तथा मकानसूचीकरण कार्य 22 मई से 20 जून के मध्य संचालित किया जाएगा। इस अवधि से पूर्व एवं कार्य संचालन के दौरान व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाएगा तथा किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया है कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में सभी अधिकारी एवं कार्मिक पूर्ण निष्ठा, जिम्मेदारी एवं समयबद्धता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन सुनिश्चित करें। कार्यों में किसी भी स्तर पर शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी।
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