शिक्षकों की कोचिंग पर भी शिकंजा
प्रयागराज 8 अप्रैल (आरएनएस)। उत्तर प्रदेश में अब अनधिकृत स्कूलों और प्राइवेट कोचिंग संस्थानों की मनमानी पर बड़ी कार्रवाई होगी। हाईकोर्ट के आदेश पर माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश ने सभी जिलों में 6 से 18 अप्रैल तक विशेष निरीक्षण अभियान चलाने का निर्देश दिया है। बिना मान्यता के चल रहे स्कूलों और कोचिंगों पर शिकंजा कसा जाएगा।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने परिषद से संबद्ध 29,208 विद्यालयों की सूची अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर अमान्य विद्यालयों की पहचान सुगम कर दी है। इसके साथ ही बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने सभी डीआइओएस, बीएसए व बीईओ को पत्र लिखकर अमान्य विद्यालयों के विरुद्ध 18 अप्रैल तक सघन अभियान चलाकर उनके विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
साथ ही कहा है कि जांच के दौरान निजी कोचिंग में संलग्न शिक्षकों की भी जांच कर उनके विरुद्ध कार्रवाई करें। इस कार्रवाई की रिपोर्ट भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
यूपी बोर्ड से संबद्ध प्रदेश भर में संचालित विद्यालयों में 10,295 हाईस्कूल स्तर (कक्षा नौ-10) के हैं, जबकि 18,913 विद्यालय इंटरमीडिएट स्तर तक (कक्षा नौ से 12) के हैं। इसके अलावा संचालित अन्य विद्यालय अमान्य माने जाएंगे।
बोर्ड सचिव ने कहा है कि परिषद की विनियमावली तथा शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत बिना मान्यता प्राप्त किए विद्यालय की स्थापना या संचालन पूर्णतया प्रतिबंधित है। संचालन पर इनके विरुद्ध भारी अर्थदंड व विधिक कार्यवाही का प्रविधान है। उत्तर प्रदेश कोचिंग विनियम अधिनियम 2002 के अनुसार मान्यता प्राप्त विद्यालय में कार्यरत शिक्षक का निजी कोचिंग संस्थान में सेवाएं देना वर्जित है।हाई कोर्ट ने भी एक याचिका पर आदेश दिए हैं कि प्रदेश भर में संचालित अमान्य संस्थानों को चिह्नित किया जाए।
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