रुड़की,08 अपै्रल (आरएनएस)। असमय बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। खेतों में कटी पड़ी गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचने से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। बुधवार को अचानक बदले मौसम ने गेहूं की कटाई के बाद खेतों में रखी फसल को बुरी तरह प्रभावित किया। जिन खेतों में फसल कटी पड़ी थी, वहां पानी भरने से गेहूं भीग गया, जिससे दानों के काले पडऩे और गुणवत्ता खराब होने का खतरा बढ़ गया है। कई जगह तेज हवाओं ने हालात और बिगाड़ दिए, जिससे तैयार फसल को अतिरिक्त नुकसान हुआ। किसान बोले, गेहूं की फसल का सर्वे कराकर सरकार मुआवजा दे: कलियर। क्षेत्र में बीते दिनों हुई बारिश और तेज हवाओं ने किसानों की गेहूं की फसल को पहले ही भारी नुकसान पहुंचाया था। खेतों में खड़ी तैयार फसल जमीन पर बिछ गई थी और किसान इस नुकसान से उबर भी नहीं पाए थे कि मंगलवार से शुरू हुई लगातार बारिश ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी है। किसानों ने सरकार से मांग की है कि प्रभावित खेतों का जल्द सर्वे कराकर नुकसान का आकलन किया जाए और उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए। बारिश के चलते गेहूं की कटाई का कार्य पूरी तरह प्रभावित हो गया है। कई खेतों में कटी पड़ी फसल पानी में भीग रही है, जबकि पहले से गिरी फसल के सडऩे और खराब होने का खतरा मंडरा रहा है। इससे न केवल पैदावार में कमी की आशंका है, बल्कि गेहूं की गुणवत्ता पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है। कलियर क्षेत्र के किसानों का कहना है कि पहले तेज हवाओं और बारिश से खड़ी फसल गिरने के कारण नुकसान हुआ था, जिससे उत्पादन घटने की चिंता पहले ही थी।
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