देहरादून,08 अपै्रल (आरएनएस)। परेड ग्राउंड में आयोजित दून बुक फेयर में बुधवार को ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने स्पेस में हासिल किए अपने अनुभवों को छात्रों के सामने रखा। उन्होंने बताया कि उन्होंने कभी सोचा नहीं था कि वह अंतरिक्ष यात्री बनेंगे यह मौका मिलना सौभाग्य की बात थी। इसके लिए जो उन्होंने तैयारी की उसने उनके जीवन को बहुत बदल कर रख दिया है। उन्हें फक्र है कि उन्हें इस अभियान के लिए चुना गया और उन्होंने अपने मिशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। शुभांशु शुक्ला ने भारत के अंतरिक्ष भविष्य को लेकर भी बड़ी बात कही। उन्होंने बताया कि साल 2040 तक एक भारतीय चंद्रमा पर कदम रखेगा। इसके लिए इसरो लगातार काम कर रहा है और कई अहम मिशन तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत अंतरिक्ष क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और आने वाले समय में देश नई ऊंचाइयों को छुएगा। टेक्नोलॉजी और युवाओं की मेहनत से भारत दुनिया में अपनी अलग पहचान बना रहा है। उन्होंने युवाओं से कहा कि जिंदगी से मुश्किल शब्द को हटा दीजिए और अपने सपनों के पीछे पूरी ताकत से लग जाइए, क्योंकि जब इरादे मजबूत होते हैं, तो अंतरिक्ष जैसी ऊंचाई भी दूर नहीं रहती।
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