चित्रकूट 8 अप्रैल (आरएनएस)। लकड़ी गवन के आरोप से क्षुब्ध होकर वन रक्षक ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। मृतक के परिजन शव को अंतिम संस्कार को ले गये। पुलिस को जानकारी होने पर शव को कब्जे मे लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। घटना से परिजनों मे कोहराम मच गया।
यह मामला कर्वी कोतवाली क्षेत्र के इटरौर भीषमपुर गांव का है। प्राप्त जानकारी के अनुसार चंद्रशेखर सिंह (58) पुत्र सहादेव वन निगम मे वन रक्षक के पद पर झाँसी डिवीजन के घनौरी राठ मे तैनात थे। बीते दिनों चंद्रशेखर ने जहरीला पदार्थ खा लिया। जब विभागीय लोगो को जानकारी हुई तो उन्हे अस्पताल मे भर्ती कराया गया। जंहा उसकी मौत हो गई थी। परिजन शव लेकर वापस घर आ गये थे। बुधवार की सुबह परिजन शव का अंतिम संस्कार करने जा रहे थे। तभी पुलिस को जानकारी हुई तो शव को कब्जे मे कर शव का पंचनामा कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक के परिजनों ने बताया कि विभाग द्वारा उसके ऊपर दो करोड़ 75 लाख की लकड़ी गायब करने का आरोप लगाया था। जब लकड़ी गायब हुई थी तब वह अपने बेटे व बेटी की शादी मे गांव गया हुआ था। उसके एरिया की लकड़ी चोरी हुई थी। जिसको लेकर विभागीय अधिकारी वसूली का दवाव बना रहे थे। जिसके चलते वह काफी परेशान रहता था। मृतक के एक पुत्र, तीन पुत्रिया है।
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