सारंगढ़-बिलाईगढ़ 8 अप्रैल (आरएनएस) अब जमीन, नामांतरण और बंटवारे के लिए लोगों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे क्योंकि कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने साफ शब्दों में अधिकारियों को निर्देश दे दिए हैं कि हर राजस्व प्रकरण तय समय सीमा में निपटाया जाए और किसी भी पक्षकार को अनावश्यक भटकना न पड़े, 8 अप्रैल 2026 को आयोजित समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने एसडीएम, डिप्टी कलेक्टर, तहसीलदार और नायब तहसीलदारों की कार्यप्रणाली की बारीकी से जांच की और दो टूक कहा कि लंबित मामलों को अब किसी भी हालत में लटकाया नहीं जाएगा, जिले में चल रहे राजस्व पखवाड़ा के तहत नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, डायवर्सन, वृक्ष कटाई अनुमति, किसान किताब की द्वितीय प्रति, आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र, अभिलेख सुधार और वन पट्टा से जुड़े मामलों का मौके पर ही निराकरण करने के निर्देश दिए गए हैं, अब तक 2052 आवेदन आए जिनमें से 1433 का शिविरों में समाधान किया जा चुका है, कलेक्टर ने पुराने 1 से 2 साल तक लंबित मामलों को प्राथमिकता के साथ समय सीमा में खत्म करने और न्यायालय दिवस पर हर हाल में कोर्ट लेने के निर्देश भी दिए, साथ ही क्लस्टर स्तर पर राजस्व शिविरों की तारीख तय कर दी गई है जिसमें 9 अप्रैल को मल्दा ‘ब’, 11 अप्रैल को मड़कड़ी (तहसील बिलाईगढ़) और 13 अप्रैल को जामपाली (तहसील सरिया) में शिविर लगाकर किसानों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया जाएगा, कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि पटवारियों और राजस्व निरीक्षकों से समय पर प्रतिवेदन लेकर नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन के मामलों का शत-प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित किया जाए, वन अधिकार पत्रधारियों के फौती नामांतरण और स्वामित्व योजना में तेजी लाने के भी निर्देश दिए गए हैं, एसडीएम को लगातार निगरानी और अधीनस्थ न्यायालयों के निरीक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई है, बैठक में एसडीएम वर्षा बंसल, एसडीएम प्रफुल्ल रजक, डिप्टी कलेक्टर उमेश साहू, ऋचा सिंह सहित सभी राजस्व अधिकारी मौजूद रहे, साफ है कि प्रशासन अब जमीन से जुड़े मामलों में देरी और लापरवाही को बर्दाश्त नहीं करेगा—और अगर आदेश नहीं माने गए तो कार्रवाई भी तय है।


