जांजगीर-चांपा, 09 अप्रैल (आरएनएस)। जिले में सामूहिक दुष्कर्म के एक गंभीर मामले में पुलिस की उत्कृष्ट विवेचना और त्वरित कार्रवाई के चलते पीडि़ता को न्याय मिला है। फास्ट ट्रैक कोर्ट ने मामले में सभी चार आरोपियों को 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास और 50-50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।इस पूरे मामले की जांच निरीक्षक जय प्रकाश गुप्ता के नेतृत्व में की गई, जिसकी बदौलत आरोपियों के खिलाफ मजबूत साक्ष्य कोर्ट में पेश किए जा सके। वहीं, पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय द्वारा आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।प्रकरण के अनुसार, 18 मई 2025 को थाना चांपा क्षेत्र में चार आरोपियों ने एक युवती के साथ उसके घर में सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया था। घटना के बाद सभी आरोपी फरार हो गए थे और नेपाल भागने की फिराक में थे। पुलिस ने विशेष टीम गठित कर कोरबा जिले के करतला क्षेत्र के घने जंगलों में घेराबंदी कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।विवेचना के दौरान पुलिस ने घटनास्थल का फोरेंसिक निरीक्षण कराया, सीसीटीवी फुटेज खंगाले और साइबर सेल की मदद से मोबाइल टावर लोकेशन के जरिए आरोपियों की मौजूदगी घटना स्थल पर साबित की। इन ठोस साक्ष्यों के आधार पर चार्जशीट कोर्ट में प्रस्तुत की गई, जिस पर त्वरित सुनवाई करते हुए न्यायालय ने सभी आरोपियों को दोषी ठहराया।पुलिस की इस कार्रवाई से न केवल पीडि़ता और उसके परिजनों को न्याय मिला, बल्कि आमजन में पुलिस और न्याय व्यवस्था के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ है।
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