इविंग क्रिश्चियन कॉलेज, प्रयागराज में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन
प्रयागराज 10 अप्रैल (आरएनएस)। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का प्रभावी कार्यान्वयन निरंतर नवाचार की मांग करता है। यह बात उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सत्यकाम ने इविंग क्रिश्चियन कॉलेज में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कही।
शिक्षा संकाय, ई.सी.सी., इलाहाबाद विश्वविद्यालय द्वारा आई.सी.एस.एस.आर. के सहयोग से टूकर हाल में 10–11 अप्रैल 2026 को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के आलोक में कौशल विकास, रोजगारपरकता और सामाजिक समानता का अंतर्संबंध विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। प्रो. सत्यकाम ने जोर देकर कहा कि कौशल विकास, रोजगारपरकता और सामाजिक समानता के बीच सामंजस्य स्थापित करने में शिक्षकों की प्रमुख भूमिका है।
इस अवसर पर इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. पी.के. साहू ने शांतिनिकेतन से लेकर गांधीजी के 3एच तथा अरबिंदो की समग्र शिक्षा तक शैक्षिक सुधारों के इतिहास को रेखांकित किया। शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. धनंजय यादव ने कहा कि सामाजिक समानता की शुरुआत जमीनी स्तर से उचित योजना और सभी हितधारकों के आत्मावलोकन के माध्यम से होनी चाहिए।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. ए.एस. मोसेस ने सभी गणमान्य अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत किया।
कॉलेज के बर्सर प्रो. जस्टिन मसीह ने शिक्षकों को एन.ई.पी. की रीढ़ बताया। संगोष्ठी के संयोजक डॉ. जस्टिन पी. सहाय ने सभी गणमान्य व्यक्तियों का सम्मान किया और धन्यवाद ज्ञापित किया। आयोजन सचिव डॉ. आशीष सैमुअल हूरी ने संगोष्ठी की विषय-वस्तु को विस्तार से प्रस्तुत किया।
तकनीकी सत्र की अध्यक्षता डॉ. पतंजलि मिश्रा (इ.वि.वि.) एवं प्रो. संगीता (सी.एम.पी.) ने की। महाविद्यालय की उप-प्राचार्या प्रो. ज्योतिका रॉय, विद्यालय के वरिष्ठ आचार्य तथा शिक्षा संकाय के समस्त शिक्षकगण उपस्थित रहे। सत्र का संचालन डॉ. रश्मि श्रीवास्तव ने किया।
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