रायपुर, 11 अप्रैल (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ में उद्योग और श्रम विभाग के बेहतर समन्वय से राज्य विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार ने श्रमिकों और उद्योगों के संतुलित विकास को प्राथमिकता दी है, जिसके सकारात्मक परिणाम अब दिखाई देने लगे हैं।
उद्योग एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन के जन्मदिन के अवसर पर यह स्पष्ट होता है कि उनके नेतृत्व में श्रमिकों के कल्याण और औद्योगिक विकास को नई गति मिली है। उनकी कार्यशैली में संवेदनशीलता और दूरदर्शिता दोनों का समावेश देखा जा रहा है।
राज्य सरकार की नई उद्योग नीति 2024-30 में समावेशी विकास पर विशेष जोर दिया गया है। इसके तहत निवेश को बढ़ावा देने, रोजगार के अवसर सृजित करने और औद्योगिक आधार मजबूत करने के लिए कई अहम कदम उठाए गए हैं।
श्रमिकों के हित में भी कई महत्वपूर्ण योजनाएं लागू की गई हैं। श्रमिकों के बच्चों को बेहतर स्कूलों में नि:शुल्क शिक्षा, मेधावी छात्रों को प्रोत्साहन राशि, और विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ सीधे उनके खातों में पहुंचाया जा रहा है। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ी है, बल्कि श्रमिकों का जीवन स्तर भी सुधर रहा है। श्रम अन्न योजनाÓ जैसी पहल के तहत श्रमिकों को मात्र 5 रुपये में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है, जो सरकार की संवेदनशील सोच को दर्शाता है। इसके अलावा आवास सहायता और दुर्घटना सहायता जैसी योजनाएं भी श्रमिकों को सुरक्षा प्रदान कर रही हैं। औद्योगिक क्षेत्र में भी राज्य ने तेजी से प्रगति की है। नई औद्योगिक नीति के तहत बड़े निवेश प्रस्ताव मिले हैं, नए उद्योग स्थापित हो रहे हैं और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। नवा रायपुर में एआई डाटा सेंटर, आईटी और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश जैसी पहलें छत्तीसगढ़ को आधुनिक तकनीकी दिशा में आगे बढ़ा रही हैं। सरकार द्वारा ई-निविदा और सिंगल विंडो सिस्टम जैसे सुधारों से पारदर्शिता बढ़ी है और निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है। साथ ही महिला उद्यमियों को प्रोत्साहन और दूरस्थ क्षेत्रों में विकास योजनाओं के माध्यम से सामाजिक समावेशन पर भी जोर दिया जा रहा है। कुल मिलाकर, उद्योग और श्रम विभाग के संयुक्त प्रयासों से छत्तीसगढ़ विकास, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में एक नई पहचान बना रहा है।
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