बीजापुर, 11 अप्रैल (आरएनएस)। राज्य सरकार द्वारा संचालित बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के तहत जिला बीजापुर की 24 ग्राम पंचायतों को बाल विवाह मुक्त घोषित किया जाना है। यह अभियान माननीय मुख्यमंत्री द्वारा 10 मार्च 2024 को शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य वर्ष 2028-29 तक पूरे राज्य को बाल विवाह मुक्त बनाना है।
शासन द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले की 40 प्रतिशत ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों को बाल विवाह मुक्त घोषित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसी दिशा में चयनित 24 ग्राम पंचायतों ने पिछले दो वर्षों में बाल विवाह की कोई घटना न होने की पुष्टि की है।ग्राम पंचायतों के सरपंच एवं सचिव द्वारा जारी प्रमाण पत्र के आधार पर इन पंचायतों को बाल विवाह मुक्त घोषित किया जाना है।
आपत्तियों के लिए 7 दिन का समय
प्रशासन ने इस घोषणा पर आम नागरिकों, संस्थाओं एवं निकायों से आपत्तियां आमंत्रित की हैं। यदि किसी को इन पंचायतों में बाल विवाह से संबंधित कोई जानकारी या आपत्ति हो, तो वह विज्ञप्ति जारी होने के 7 दिनों के भीतर लिखित रूप में अपने दस्तावेजों सहित आवेदन प्रस्तुत कर सकता है।
दावा-आपत्ति जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, कलेक्टर कार्यालय, प्रथम तल, कक्ष क्रमांक डी-1, बीजापुर में कार्यालयीन समय (सुबह 10:00 बजे से शाम 05:30 बजे तक) में जमा की जा सकती है।
घोषित ग्राम पंचायतें:
बोरजे, संतश्पुर, संकनपल्ली, मुरकीनार, लिंगागिरी, उसूर, गलगम, पुसबाका, हीरापुर, तर्रेम, चेरपल्ली, भद्रकाली, कोत्तूर, सकनापल्ली, पेठा, फरेसगढ़, सोमनपल्ली, जैवारम, माटवाड़ा, कोंड्रोजी, टिंडोडी, पातरपारा, पिटेपाल और गदामली।
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