नैनी पेप्सी प्लांट से गिरते भूजल स्तर और बेरोजगारी को लेकर फूटा गुस्सा ग्रामीणों का जल्द होगा आंदोलन
प्रयागराज,11 अपै्रल (आरएनएस)। इलाहाबाद सांसद उज्जवल रमण सिंह चाका ब्लाक के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा करने पर एक शिकायत मिली कि सरस्वती हाईटेक सिटी नैनी स्थित वरुण बेवरेजेज लिमिटेड (पेप्सी) प्लांट द्वारा अत्यधिक भूजल दोहन के कारण क्षेत्र का जलस्तर खतरनाक स्तर तक नीचे गिर गया है, जिससे पीने के पानी का संकट गहरा गया है। ग्रामीणों ने बताया कि पेप्सी प्लांट की क्षमता बढऩे के साथ-साथ बोरवेल से पानी खींचने की रफ्तार भी बढ़ी है। इसका सीधा असर आसपास के गांवों के हैंडपंपों और कुओं पर पड़ा है।
ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी शुरू होने से पहले ही क्षेत्र के अधिकांश हैंडपंप जवाब दे चुके हैं। जलस्तर इतना नीचे चला गया है कि आम आदमी के लिए नया बोरिंग कराना अब आर्थिक रूप से संभव नहीं रहा।
सांसद उज्जवल रमण सिंह ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि आपकी लड़ाई सड़़क से संसद तक लड़ी जायेगी। जब अभी सिर्फ एक पेप्सी प्लांट चालू हैं तो उसी के बगल बन रहा बिसलेरी वाटर प्लांट चालू होने पर स्थित और भयावह हो जायेगी और चाका ब्लाक तो वैसे भी खतरनाक डार्क जोन में आता हैं। उन्होंने कहा कि जल संकट के साथ-साथ स्थानीय युवाओं को प्लांट में रोजगार न देकर बाहरी लोगों को नौकरी दी जा रही हैं जबकि यह इकाई स्थापित हुई थी, तब स्थानीय लोगों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार देने का वादा किया गया था।लेकिन हकीकत यह हैं कि कंपनी प्रबंधन बाहरी लोगों को भर्ती कर रहा है, जबकि प्लांट की चहारदीवारी के ठीक बगल में रहने वाले योग्य युवा दर-दर भटक रहे हैं।
सांसद प्रतिनिधि विनय कुशवाहा ने कहा कि प्लांट के कारण हमें प्रदूषण और पानी की कमी झेलनी पड़ रही है, लेकिन जब नौकरी की बात आती है तो हमें नजरअंदाज कर दिया जाता है। हमारी मांग है कि कम से कम 70त्न स्थानीय युवाओं को रोजगार दिया जाए। यदि जल्द ही भूजल पुनर्भरण के ठोस उपाय नहीं किए गए और स्थानीय युवाओं को काम पर नहीं रखा गया, तो सड़क से संसद तक जनहित में लडा़ई लड़ी जायेगी और जल्द ही फैक्ट्री गेट पर धरना प्रदर्शन होगा।
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