कप्तान के प्रयास से पटरी पर आया ट्रैफिक सिस्टम
सुल्तानपुर,11 अपै्रल (आरएनएस)। नगर ने आखिरकार चैन की साँस लेना सीख ही लियाकृवो भी तब, जब सालों से जाम में फंसी जिंदगी को “एकल दिशा रूट मैप” नाम का रामबाण मिल गया। जिन गलियों में पहले हॉर्न की आवाज़ें आरती की तरह गूंजती थीं, वहां अब गाडिय़ाँ भी शांति से चलने लगी हैं। लगता है ट्रैफिक भी अब अनुशासन में पीएचडी कर चुका है। और इस चमत्कार के सूत्रधार कप्तान चारू निगम जिनकी फुर्ती ऐसी कि क्राइम स्पॉट उन्हें बुलाने का इंतज़ार नहीं करता, बल्कि खुद शर्मिंदा हो जाता है। मौके पर पहुंचना, खुद जांच करना, और फिर मीडिया को ऐसे ब्रीफ करना जैसे सब कुछ पहले से स्क्रिप्टेड हो कोई आम बात नहीं, ये स्टाइल” है।
वैसे सुल्तानपुर की पुरानी परंपरा भी कम दिलचस्प नहीं रही जब-जब जिले में मजबूत कप्तान और प्रशासनिक पकड़ देखने को मिली, तब-तब जिले ने भी “अंडर कंट्रोल” होने का संस्कार दिखाया। फर्क सिर्फ इतना है कि कुछ अफसर फाइलों में नियंत्रण ढूंढते हैं, और कुछ सड़कों पर उतरकर। सबसे खास बातकृन नेता का दबाव, न रसूख का रौब। नियम वही, जो किताब में लिखा है और लागू वही, जो कप्तान ने ठान लिया है। ऐसे में जनता को भी लगने लगा है कि कानून सिर्फ पढऩे की चीज़ नहीं, कभी-कभी लागू भी होता है। कुल मिलाकर, नगर की रफ्तार अब सिर्फ गाडिय़ों की नहीं, प्रशासन की नीयत की भी गवाही दे रही है। बस यही डर है कि कहीं ये “अच्छे दिन” किसी को बर्दाश्त न हो जाएं!
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

