कुड़वार/सुल्तानपुर,11 अपै्रल (आरएनएस)। क्षेत्र स्थित कमला इंडियन गैस एजेंसी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे है। एजेंसी पर दिन भर लंबी लाइन लगी रहती है डीएसी नंबर होने के बावजूद रहने भी उन्हें गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है, जिससे उपभोक्ता निराश होकर वापस लौट रहे है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिन उपभोक्ताओं ने ऑनलाइन सिलेंडर बुक किया है उनका डीएसी नंबर मिलान कर गैस की पासबुक और 970/-? ले लिया जाता है और सिलेंडर 10 दिन बाद लेने के लिए कहा जाता है। जबकि पासबुक और एडवांस में पैसा लेने का कोई प्रावधान नहीं है। जबकि दूसरी ओर कालाबाजारी करने वालों के पास घरेलू गैस सिलेंडर आसानी से उपलब्ध है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि जब आम उपभोक्ता को गैस नहीं मिल रही, तो अवैध रूप से सिलेंडर कैसे उपलब्ध हो जा रहे है। क्षेत्र में कई दुकानदार घरेलू गैस सिलेंडर का खुलेआम व्यावसायिक उपयोग कर रहे है। इस पर एजेंसी कर्मचारियों का कहना है कि होटल संचालक अन्य उपभोक्ताओं के नाम पर सिलेंडर बुक कराकर उठा ले जाते हैं। हालांकि, उपभोक्ताओं का तर्क है कि जब हर ग्राहक का पूरा डेटा एजेंसी के पास मौजूद है, तो इस तरह की गड़बड़ी संभव ही नहीं होनी चाहिए।
सूत्रों के अनुसार, रात के समय कालाबाजारी के जरिए सिलेंडरों का वितरण किए जाने की भी चर्चा है। यदि यह सच है, तो यह न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़ा करता है। आरोप यह भी है कि उच्चाधिकारी केवल औपचारिक निरीक्षण कर फोटो खिंचवाकर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर लेते हैं। जबकि जमीनी स्तर पर समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। इस सम्बन्ध में पूर्ति निरीक्षक मयंक चतुर्वेदी ने बताया की जांच की जाएगी।
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