प्रयागराज 12 अप्रैल (आरएनएस)। स्कूल की व्यवस्था ठीक करनी होगी। आज के अभिभावक तीन साल के बच्चों को स्कूल भेज देते हैं बच्चा सुबह 7 बजे तक पूरी तरह से जग भी नहीं पाता है। जिसे अच्छे खाने की जरूरत है। वह सुबह नहीं खाता है।
छोटे बच्चों की बात छोड़ो बड़े बच्चों की भी हालत वही है। सुबह भूख नहीं है। स्कूल में भी 15 मिनट का लंच टाइम्स जिसमें मॉडल स्कूल में बच्चों को बाहर खड़े होकर खाने की सुविधा दिए हैं। बच्चे टिफिन तक वापस ले आते हैं कि खड़े होकर खाते नहीं बनता घर आते ही कोचिंग टाइम्स क्या कर सकते हैं। सबको मालूम है हिम्मत नहीं होती है कहने की सबके साथ समस्या है। कैसे बदलेगा सब।
अभिभावक स्कूल फीस और किताबों के मुद्दे पर चर्चा कर रहे हैं, पर हमारा बच्चा जो भोजन ही नहीं कर सकता वह पढ़ाई कैसे करेगा। स्कूल में 30 मिनट का समय लंच का होना जरूरी है। ताकि बच्चे सकून से खा सके पेट ही खाली है तो स्वास्थ्य ही नहीं स्वास्थ्य ही नहीं तो पढ़ाई कैसी।
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