नई दिल्ली,12 अपै्रल (आरएनएस)। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खडग़े ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर सरकार से महिला आरक्षण विधेयक और परिसीमन के मुद्दे से जुड़े प्रस्तावित संवैधानिक संशोधनों पर चर्चा करने के लिए एक सर्वदलीय बैठक बुलाने का आग्रह किया.
उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष को भरोसे में लिए बिना संसद का स्पेशल सेशन बुलाया गया है और चेतावनी दी कि सही चर्चा के लिए जरूरी बातें अभी भी साफ नहीं हैं. यह तब हुआ जब संसद 16 अप्रैल से तीन दिन का स्पेशल सेशन शुरू करने वाली है, जिसका फोकस महिला आरक्षण संशोधन बिल पर होगा.
पत्र में खडग़े ने लिखा, मुझे अभी-अभी 16 अप्रैल से नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा के लिए संसद के स्पेशल सेशन पर आपका लेटर मिला है. यह स्पेशल सेशन हमें भरोसे में लिए बिना बुलाया गया है और आपकी सरकार होने वाले डिलिमिटेशन पर कोई डिटेल बताए बिना फिर से हमारा सहयोग मांग रही है.
आप समझेंगे कि डिलिमिटेशन और दूसरी बातों की डिटेल के बिना, इस ऐतिहासिक कानून पर कोई काम की चर्चा करना नामुमकिन होगा. आपने अपने पत्र में लिखा है कि आपकी सरकार ने इस बारे में पॉलिटिकल पार्टियों से बातचीत की है.
हालांकि, मुझे यह बताते हुए दुख हो रहा है कि यह सच्चाई के खिलाफ है क्योंकि सभी विपक्षी पार्टियां सरकार से कह रही हैं कि 29 अप्रैल 2026 को चुनाव का मौजूदा दौर खत्म होने के बाद संविधान में किए जा रहे बदलावों पर चर्चा करने के लिए एक ऑल-पार्टी मीटिंग बुलाई जाए.
अभी चल रहे राज्य चुनावों के दौरान स्पेशल मीटिंग बुलाना हमारे इस विश्वास को और पक्का करता है कि आपकी सरकार महिलाओं को सही मायने में मजबूत बनाने के बजाय पॉलिटिकल फायदा उठाने के लिए बिल को लागू करने में जल्दबाजी कर रही है.
उन्होंने कहा कि अगर स्पेशल पार्लियामेंट सेशन का मकसद डेमोक्रेसी को मजबूत करना और सबको साथ लेकर फैसले लेना पक्का करना है, तो महिला रिजर्वेशन बिल से जुड़े डिलिमिटेशन के मुद्दे पर मिलकर चर्चा को आगे बढ़ाना होगा.
पत्र में लिखा, अगर स्पेशल सिटिंग का मतलब हमारे डेमोक्रेसी को मजबूत करना और सबको साथ लेकर आगे बढऩा है, जैसा कि आपने लेटर में लिखा है, तो मेरा सुझाव है कि सरकार 29 अप्रैल के बाद कभी भी एक ऑल-पार्टी मीटिंग बुलाए ताकि डिलिमिटेशन के मुद्दे पर चर्चा की जा सके, जिसे नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 में बदलाव से जोड़ा जा रहा है.
सरकार ने दो बड़े बदलाव करने का प्लान बनाया है. 2023 के नारी शक्ति वंदन एक्ट ने महिलाओं के रिजर्वेशन को नई जनगणना और डिलिमिटेशन से जोड़ दिया. जनगणना में देरी की वजह से 2011 की जनगणना के डेटा के साथ आगे बढऩे का प्लान है.
कांग्रेस जनरल सेक्रेटरी जयराम रमेश ने यह भी कहा कि तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में चल रहे चुनाव कैंपेन के दौरान स्पेशल पार्लियामेंट सेशन बुलाया जा रहा है, इसे उन्होंने मॉडल कोड ऑफ़ कंडक्ट का उल्लंघन बताया. उन्होंने महिला रिजर्वेशन बिल से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए 29 अप्रैल, 2026 के बाद ऑल-पार्टी मीटिंग की विपक्ष की मांग दोहराई.
एक्स पर एक पोस्ट में रमेश ने लिखा, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े ने तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार अभियान के बीच अगले हफ़्ते बुलाए जा रहे संसद के विशेष सत्र पर पीएम को लिखा, ये मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट का साफ उल्लंघन है. उन्होंने 29 अप्रैल, 2026 के बाद कभी भी ऑल-पार्टी मीटिंग बुलाने के लिए विपक्ष की रिक्वेस्ट दोहराई है.
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