लालगंज, मीरजापुर 12 अप्रैल (आरएनएस)। गंगहरा कला में चल रही शिव शक्ति महायज्ञ कथा का समापन रविवार को हुआ। अंतिम दिन काशी धर्म पीठाधीश्वर स्वामी नारायण नंद तीर्थ महाराज ने शिव पुराण के विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से कहा कि मनुष्य के जीवन का उद्देश्य केवल भौतिक सुख नहीं, बल्कि आत्मिक शांति और मोक्ष की प्राप्ति है। उन्होंने बताया कि भगवान शिव का स्मरण, सत्य का पालन और संयमित जीवन ही मनुष्य को सही दिशा देता है।
उन्होंने कहा कि शिव पुराण में भक्ति को सबसे सरल मार्ग बताया गया है। जो व्यक्ति सच्चे मन से भगवान शिव का नाम लेता है।उसके मन के विकार धीरे-धीरे समाप्त होने लगते हैं। उन्होंने बताया कि अहंकार, लोभ और क्रोध मनुष्य को पतन की ओर ले जाते हैं, जबकि दया, क्षमा और सेवा का भाव उसे ऊंचाई देता है।कथा में उन्होंने लोक जीवन से जुड़े उदाहरण देते हुए कहा कि परिवार में आपसी सम्मान, प्रेम और सहयोग जरूरी है। स्त्री और पुरुष दोनों को अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए।माता-पिता का आदर और बच्चों को संस्कार देना ही परिवार को मजबूत बनाता है। बच्चों को सत्य बोलने, बड़ों का सम्मान करने और अनुशासन में रहने की सीख दी जानी चाहिए।उन्होंने कहा कि समाज में शांति तभी बनी रह सकती है। जब लोग एक-दूसरे के प्रति सद्भाव रखें। दूसरों की सहायता करना और दुख में साथ खड़ा होना ही सच्ची भक्ति है। भगवान शिव ऐसे ही भाव से प्रसन्न होते हैं।समापन दिवस पर विशाल भंडारे का आयोजन हुआ। लालगंज तहसील के हलिया और लालगंज विकासखंड सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। मध्य प्रदेश, झारखंड और मिर्जापुर जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं ने भी प्रसाद ग्रहण किया। पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा वातावरण बना रहा और श्रद्धालु पंक्ति में बैठकर प्रसाद ग्रहण करते रहे।
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