– हैंडपंप, स्ट्रीट लाइट,आईजीआरएसऔर जनसुनवाई में भारी गड़बड़ी उजागर,कई कर्मचारियों पर कार्रवाई
सीतापुर 12 अप्रैल (आरएनएस)। जिलाधिकारी डॉ. राजागणपति आर. ने नगर पालिका परिषद मिश्रिख और नैमिषारण्य का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। निरीक्षण के दौरान कई गंभीर खामियां सामने आने पर डीएम ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित कर्मचारियों के वेतन रोकने और अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देने के निर्देश दिए। डीएम ने सबसे पहले हैंडपंपों की स्थिति की समीक्षा की, जहां अभिलेखों में भारी कमी पाई गई। इस पर उन्होंने संबंधित पटल सहायक का वेतन तत्काल प्रभाव से रोकने के निर्देश दिए। पानी की टंकी की सफाई से जुड़े अभिलेख न मिलने पर अधिशासी अधिकारी (ईओ) को जमकर फटकार लगाई और सभी रिकॉर्ड अपडेट रखने के निर्देश दिए। स्ट्रीट लाइट व्यवस्था भी जांच के दायरे में रही। पोलों की नंबरिंग न होने और अभिलेख उपलब्ध न कराए जाने पर फिर से पटल सहायक पर कार्रवाई की गई। डीएम ने स्पष्ट कहा कि लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आईजीआरएस पोर्टल और जनसुनवाई रजिस्टर में शिकायतें दर्ज न होना सबसे गंभीर मामला माना गया। इस पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताते हुए जिम्मेदार कर्मचारियों के वेतन रोकने और ईओ को सख्त चेतावनी दी कि शिकायतों का पंजीकरण और निस्तारण समयबद्ध किया जाए। सेवा पुस्तिकाओं में अवकाश अंकित न होने, निर्माण कार्यों की पत्रावलियों में कमी और वाहनों की लॉगबुक में ईओ के हस्ताक्षर न मिलने पर भी डीएम ने अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए। ईओ के खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि जारी करने की बात भी कही गई। इसके अलावा, डीएम ने वंदन योजना के तहत बनी सड़क का स्थलीय निरीक्षण कर गुणवत्ता की जांच की और मानकों से समझौता न करने की सख्त हिदायत दी। डीएम ने साफ शब्दों में कहा कि जनहित के कार्यों में लापरवाही किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी अधिकारी जवाबदेही के साथ काम करें, अन्यथा कड़ी कार्रवाई तय है।
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