सीतापुर। नगर पालिका परिषद सीतापुर ने नजूल भूमि पर बने चर्चित ‘रम्पा महलÓ प्रकरण में बड़ा फैसला सुनाते हुए कब्जाधारी मनोरमा शुक्ला की आपत्ति खारिज कर दी है। अधिशासी अधिकारी द्वारा जारी निस्तारण आदेश में स्पष्ट किया गया है कि नजूल भूखण्ड संख्या 33ध्4 एवं 33ध्6 पर उनका कब्जा पूरी तरह अनाधिकृत है और उन्हें 7 दिनों के भीतर स्वयं परिसर खाली करना होगा, अन्यथा प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। प्रकरण माननीय इलाहाबाद उच्च न्यायालय, लखनऊ बेंच के निर्देश के बाद सामने आया, जिसमें 13 जनवरी 2026 को दाखिल आपत्ति पर विचार कर निस्तारण करने को कहा गया था। जांच में पाया गया कि संबंधित भूमि का पट्टा 100 वर्ष का नहीं बल्कि लगभग 30 वर्ष का था, जिसकी अवधि कई दशक पहले ही समाप्त हो चुकी है। साथ ही वर्ष 2019 में जिलाधिकारी के आदेश से भूमि को पुन: राज्य सरकार के अधीन दर्ज कर लिया गया था। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया कि नजूल भूमि का न तो हस्तांतरण संभव है और न ही उत्तराधिकार के आधार पर उस पर दावा किया जा सकता है। इसके बावजूद परिसर का उपयोग व्यावसायिक गतिविधियों, किराये और सिनेमा संचालन के लिए किया जा रहा था, जो नियमों के विरुद्ध है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि उक्त भूमि पर जनहित में सीतापुर कल्चरलध्हेरिटेज सेंटर विकसित करने की योजना प्रस्तावित है। ऐसे में अतिक्रमण हटाना आवश्यक है। आदेश की प्रति संबंधित अधिकारियों को भेज दी गई है और आगे की कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है
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