कराची, 13 अपै्रल। पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों का हाल बेहाल है। यहां एक बार फिर हजारा समुदाय को निशाना बनाया गया है। ताजा घटना पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में हुई है। यहां शिया मुस्लिम हजारा अल्पसंख्यक समुदाय के 2 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। मामले को लेकर जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि यह घटना बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा में घटी हुई है।
पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी खैर सुमलानी ने घटना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि अज्ञात बंदूकधारी 2 मोटरसाइकिलों पर सवार होकर आए और हजारा टाउन से सब्जियां खरीदने हजारगंज बाजार पहुंचे। यहां बंदूकधारियों ने हजारा समुदाय के लोगों पर गोलीबारी की। पुलिस अधिकारी ने बताया कि गोलीबारी में हजारा अल्पसंख्यक समुदाय के 2 लोगों की मौत हो गई जबकि 3 लोग घायल भी हुए हैं।
पुलिस अधिकारी खैर सुमलानी ने कहा, यह सुनियोजित हत्या प्रतीत होती है। फिलहाल, किसी भी समूह ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। घटना के तुरंत बाद हजारा समुदाय को लोगों में गुस्सा भड़क गया। गुस्साए लोगों ने हमले के विरोध में वेस्टर्न बाईपास पर जाम लगा दिया जिससे यातायात बाधित हो गया।
पाकिस्तान में हजारा समुदाय पर पहले भी हमले हुए हैं। क्वेटा के हजारगंज बाजार में 2019 में बम विस्फोट हुआ था। धमाके में कम से कम 20 लोग मारे गए थे और 48 अन्य घायल हुए थे। क्वेटा के हजारा टाउन में फरवरी 2013 में हुए बम विस्फोट में 91 लोग मारे गए और लगभग 190 लोग घायल हुए थे।
पाकिस्तान में सुन्नी मुसलमान बहुसंख्यक हैं। सुन्नी मुसलमान अहमदिया और हजारा जैसे अल्पसंख्यकों का विरोध करते हैं। हजारा समुदाय पाकिस्तान और अफगानिस्तान में बसने वाली शिया मुसलमानों की एक कौम है। पाकिस्तान के साथ ही अफगानिस्तान में भी तालिबान के शासन में हजारा समुदाय के पर अत्याचार किए गए हैं।
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