मेलबर्न, 13 अपै्रल। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने होर्मुज जलडमरूमध्य को सभी देशों के लिए खुला रखने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका ने इस स्ट्रेट की नाकेबंदी में ऑस्ट्रेलिया से किसी भी प्रकार की सहायता का अनुरोध नहीं किया है। अल्बनीज का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान में अमेरिका-ईरान के बीच हुई युद्धविराम वार्ता बिना किसी समझौते के समाप्त होने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य में नाकेबंदी लगाने की घोषणा की है।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी नौसेना तुरंत कार्रवाई शुरू करेगी और जलडमरूमध्य में जहाजों के प्रवेश या निकास को रोकने के लिए नाकेबंदी लागू करेगी। यह कदम मध्य पूर्व में चल रहे तनाव को और बढ़ा सकता है, क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट विश्व के तेल निर्यात का एक महत्वपूर्ण मार्ग है। इस क्षेत्र से गुजरने वाला अधिकांश तेल व्यापार इसी जलडमरूमध्य पर निर्भर करता है। वार्ता पाकिस्तान में हुई थी, जहां दोनों पक्षों के बीच 21 घंटे से अधिक की चर्चा के बावजूद कोई ठोस समझौता नहीं हो सका था। इसके बाद ट्रंप ने सोशल मीडिया पर नाकेबंदी की घोषणा की है।
सोमवार को नाइन नेटवर्क टेलीविजन को दिए गए साक्षात्कार में प्रधानमंत्री अल्बनीज ने कहा, हमें अमेरिका की ओर से कोई अनुरोध प्राप्त नहीं हुआ है। अमेरिका ने यह घोषणा रातोंरात की है और उन्होंने यह एकतरफा तरीके से किया है। हमें इसमें शामिल होने के लिए नहीं कहा गया। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऑस्ट्रेलिया इस संघर्ष के शीघ्र समाप्त होने की कामना करता है। अल्बनीज ने आगे कहा, हम चाहते हैं कि बातचीत जारी रहे और फिर से शुरू हो। हम इस संघर्ष का अंत देखना चाहते हैं। हम चाहते हैं कि होर्मुज जलडमरूमध्य सभी के लिए खुला हो। हम अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार नौवहन की स्वतंत्रता चाहते हैं।
प्रधानमंत्री अल्बनीज ने पश्चिम एशिया में शांति स्थापना और बातचीत के माध्यम से विवाद सुलझाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया तनाव कम करने और क्षेत्र में शांति बहाल करने का समर्थन करता है। होर्मुज जलडमरूमध्य की स्वतंत्र नौवहन सुनिश्चित करना ना केवल क्षेत्रीय स्थिरता के लिए जरूरी है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति के लिए भी महत्वपूर्ण है। किसी भी प्रकार की नाकेबंदी से तेल की कीमतों में उछाल आ सकता है, जिसका असर दुनिया भर के देशों पर पड़ेगा।
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज का बयान उनके देश की स्वतंत्र विदेश नीति को दर्शाता है जिसमें अंतरराष्ट्रीय कानून के पालन, शांति और खुले नौवहन पर जोर दिया गया है। ईरान ने किसी भी नाकेबंदी का कड़ा विरोध करने की चेतावनी दी है जबकि अमेरिका इसे ईरान की गतिविधियों को रोकने का जरिया बता रहा है।
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