रायगढ़, 13 अप्रैल (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में पुलिस ने फर्जी मैट्रिमोनियल वेबसाइट के जरिए चल रहे बड़े साइबर ठगी रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस मामले में गिरोह के मास्टरमाइंड समेत कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। पुलिस ने छापेमारी के दौरान लैपटॉप, दस्तावेज, सरकारी मोहरें और अन्य डिजिटल सामग्री जब्त की है।जानकारी के मुताबिक, यह पूरा नेटवर्क लोक सेवा केंद्र की आड़ में संचालित किया जा रहा था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर एडिशनल एसपी, सीएसपी और साइबर थाना की संयुक्त टीम ने दरोगापारा स्थित एक केंद्र में दबिश दी।
जांच में सामने आया कि केंद्र संचालक कपिल गर्ग की लोक सेवा केंद्र आईडी एक माह पहले ही निरस्त हो चुकी थी, इसके बावजूद वह इंडिया मैट्रिमोनी नाम से फर्जी प्लेटफॉर्म चलाकर लोगों को ठग रहा था।
ऐसे करते थे ठगीगिरोह में शामिल युवतियां फर्जी जीमेल आईडी और मोबाइल नंबर के जरिए यूट्यूब व सोशल मीडिया पर नकली प्रोफाइल बनाती थीं। प्रोफाइल में दिए गए नंबरों पर संपर्क करने पर लोगों से पहले बायोडाटा लिया जाता, फिर रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर यूपीआई से पैसे वसूले जाते थे।इसके बाद मीटिंग आईडी और बातचीत आगे बढ़ाने के बहाने बार-बार भुगतान कराया जाता। अंत में पीडि़त को यह कहकर संपर्क खत्म कर दिया जाता कि रिश्ता पसंद नहीं आया।
फर्जी दस्तावेज और मोहरें बरामद
पुलिस को जांच के दौरान फोटोशॉप के जरिए दस्तावेजों में छेड़छाड़ के सबूत मिले हैं। साथ ही कई शासकीय विभागों की फर्जी सील और मोहरें भी जब्त की गई हैं, जिनका उपयोग ठगी में किया जा रहा था।
महिला संचालिका की भूमिका भी सामने आई
पूछताछ में एक संस्था की संचालिका ने कबूल किया कि वह पिछले तीन साल से इस गिरोह से जुड़ी थी और लड़कियों के माध्यम से सोशल मीडिया पर फर्जी गतिविधियां संचालित कर रही थी।
पुलिस की अपील
एसएसपी ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान मैट्रिमोनियल साइट या सोशल मीडिया प्रोफाइल पर भरोसा न करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है और यह पता लगाया जा रहा है कि अब तक कितने लोगों को ठगा गया है और इसमें और कौन-कौन शामिल हैं।
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