कुशीनगर, 13 अप्रैल आरएनएस)। जनपद मुख्यालय स्थित विकास भवन के सभागार में क्षेत्रीय सांसद विजय कुमार दुबे की अध्यक्षता में जिला विद्युत समिति की बैठक संपन्न। उन्होंने बताया कि पूरे उत्तर प्रदेश के ग्रामीण अंचल में कुशीनगर लोकसभा क्षेत्र अग्रणी स्थान पर है। यहां प्रदेश का पांचवां कृषि विश्वविद्यालय भी स्थापित किया जा रहा है। जनपद में विकास के लगभग सभी मानक तेजी से पूरे हो रहे हैं। यदि विद्युत विभाग की व्यवस्थाएं और अधिक सुदृढ़ हो जाएं, तो कुशीनगर प्रदेश के ग्रामीण अंचल में प्रथम स्थान प्राप्त कर सकता है।
जनपद में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़, सुचारु एवं प्रभावी बनाए रखने के उद्देश्य से आज संबंधित अधिकारियों द्वारा व्यापक निरीक्षण एवं समीक्षा की गई। इस दौरान विद्युत आपूर्ति की वर्तमान स्थिति, लाइन लॉस, ट्रांसफार्मरों की कार्यशीलता, बिलिंग व्यवस्था तथा उपभोक्ताओं की समस्याओं का विस्तृत आकलन किया गया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि विद्युत आपूर्ति की गुणवत्ता एवं निरंतरता हर हाल में सुनिश्चित की जाए। खराब ट्रांसफार्मरों को शीघ्र बदलने तथा मरम्मत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। जिससे उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। साथ ही विद्युत बिलिंग व्यवस्था को पारदर्शी एवं त्रुटिरहित बनाए रखने तथा उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया। विद्युत चोरी एवं अवैध कनेक्शनों पर प्रभावी नियंत्रण हेतु विशेष अभियान चलाने, लाइन लॉस को कम करने के लिए आवश्यक तकनीकी सुधार करने तथा ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में समान रूप से विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त विद्युत उपकेंद्रों, लाइनों एवं अन्य उपकरणों के नियमित रखरखाव एवं निरीक्षण को अनिवार्य रूप से करने पर जोर दिया गया।
अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया गया कि वे अपने कार्यों में पूर्ण पारदर्शिता एवं जवाबदेही बनाए रखें तथा जनहित से जुड़े सभी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध रूप से पूर्ण करें। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। जनपद के समग्र विकास को लेकर आयोजित बैठक में वक्ताओं ने कहा कि किसी भी क्षेत्र को मुख्य धारा से जोडऩे से वंचित नहीं किया जा सकता। यदि विद्युत विभाग सक्रिय होकर समुचित प्रयास करे, तो जनपद के विकास में चार चांद लग सकते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी जिले को विकास का वास्तविक लाभ तभी मिलता है। जब वहां की विद्युत व्यवस्था सुदृढ़ एवं निर्बाध हो। वर्तमान में कुशीनगर हरा-भरा एवं बेहतर आवागमन सुविधाओं से युक्त दिखाई दे रहा है। यहां मेडिकल कॉलेज एवं अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा तैयार हो रहा है तथा शीघ्र ही यहां से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू होने की संभावना है। वक्ताओं ने कहा कि विद्युत विभाग के लिए यह समय पूरे वर्ष की तैयारियों की परीक्षा जैसा है। कई बार विकास कार्य प्रभावित हो जाते हैं, जब अपेक्षित विद्युत सहयोग नहीं मिल पाता। समाज के प्रत्येक वर्ग की निर्भरता विद्युत विभाग पर है, ऐसे में विभाग की जवाबदेही और भी बढ़ जाती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस वर्ष विद्युत विभाग बेहतर प्रयास करेगा। यदि विभाग का पूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ, तो आगामी दो वर्षों में कुशीनगर को प्रदेश में अग्रणी स्थान दिलाने का लक्ष्य अवश्य प्राप्त किया जा सकेगा। जनपद के विकास के लिए लगभग 1000 करोड़ रुपये की सड़कों का निर्माण कराया जा रहा है तथा ग्रामीण सड़कों का चौड़ीकरण भी तेजी से हो रहा है। अब बिहार, नेपाल एवं अन्य क्षेत्रों में आवागमन के लिए बेहतर पक्की सड़क सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा बौद्ध सर्किट के अंतर्गत पर्यटन विकास को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक ले जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसी क्रम में कुशीनगर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का निर्माण कराया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री का विशेष ध्यान कुशीनगर की धरती पर बना रहता है। बैठक में जिलाधिकारी, समस्त विधायक तथा विद्युत विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
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