लखनऊ 13 अप्रैल (आरएनएस )। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा है कि 1857 की क्रांति के बाद अब मेरठ से एक और स्वतंत्रता आंदोलन जन्म लेगा, जो आज के साम्राज्यवादी सत्ताधारी गिरोह और उनके सहयोगियों के खिलाफ होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने पहले भूमि अधिग्रहण और काले कानूनों जैसे प्रयासों से खेती-किसानी को समाप्त करने की कोशिश की और अब विदेशी समझौतों तथा बहुराष्ट्रीय कंपनियों के इशारे पर देश के व्यापार को खत्म करने की दिशा में काम किया जा रहा है।अखिलेश यादव ने कहा कि इन नीतियों का उद्देश्य देश की पूरी अर्थव्यवस्था पर कुछ चुनिंदा लोगों और भाजपा को चंदा देने वाले बड़े पूंजीपतियों का कब्जा कराना है, जिससे परंपरागत व्यापारियों और छोटे कारोबारी वर्ग के लिए बाजार में जगह तक न बचे। उन्होंने कहा कि जो बड़े व्यापारी और स्टॉकिस्ट अभी भी भाजपा के साथ हैं, वे भी जल्द ही उसकी गलत नीतियों का शिकार बनेंगे।उन्होंने दावा किया कि अब छोटे दुकानदारों, कारखाना मालिकों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम स्तर के उद्यमियों का भ्रम टूट रहा है और वे भाजपा के खिलाफ एकजुट हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा भ्रष्टाचार के जरिए कमीशन और चंदे के नाम पर धन इक_ा कर रही है और उसका भ्रष्टाचार लगातार बढ़ता जा रहा है।
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा का बुलडोजर केवल दुकानों और मकानों पर नहीं, बल्कि देश की आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था पर चलाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा देश की अर्थव्यवस्था को कमजोर करने की बड़ी साजिश कर रही है, जिसे छोटे व्यापारियों, रेहड़ी-पटरी वालों, सब्जी विक्रेताओं और बड़े कारोबारियों सहित सभी वर्ग मिलकर विफल करेंगे।उन्होंने कहा कि मेरठ 1857 की क्रांति को नहीं भूला है और यह भी याद रखे हुए है कि भाजपा ने 2014, 2019 और 2024 के आम चुनाव अभियानों की शुरुआत मेरठ से की थी। इसलिए भाजपा के अंत की शुरुआत भी मेरठ से ही होगी। उन्होंने कहा कि मेरठ से एक बार फिर नया आर्थिक स्वतंत्रता आंदोलन जन्म ले रहा है और यह शहर आर्थिक गुलामी को कभी स्वीकार नहीं करेगा।
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