लखनऊ 13 अप्रैल (आरएनएस )। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने नोएडा की मदरसन औद्योगिक इकाई में वेतन वृद्धि को लेकर चल रहे मजदूरों के प्रदर्शन और उस पर हुई पुलिस कार्रवाई को योगी सरकार की मजदूर एवं युवा विरोधी नीतियों का प्रमाण बताया है।अजय राय ने कहा कि भारी-भरकम विज्ञापनों से मजदूरों का पेट नहीं भर सकता और पुलिस के आंसू गैस के गोले भूखे पेट का समाधान नहीं हो सकते। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों से मेहनत करने वाले गरीब मजदूरों के वेतन में मात्र 250 से 300 रुपये की बढ़ोतरी कर सरकार और कंपनियां उनका मजाक उड़ा रही हैं।उन्होंने कहा कि तीन दिनों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे मजदूरों पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज, आंसू गैस और दमन की कार्रवाई सरकार की वास्तविक तस्वीर को सामने लाती है। मजदूरों की मांगों में न्यूनतम मजदूरी, समय पर वेतन वृद्धि, बेहतर कार्य परिस्थितियां और सुरक्षा जैसे बुनियादी मुद्दे शामिल हैं, लेकिन सरकार पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने में लगी हुई है और मजदूरों की समस्याओं को अनदेखा कर रही है।प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि नोएडा में हुई हिंसा के लिए प्रदेश सरकार पूरी तरह जिम्मेदार है, क्योंकि मजदूरों की पीड़ा को समय रहते नहीं सुना गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी मजदूरों के साथ मजबूती से खड़ी है और उनकी सभी जायज मांगों को तत्काल स्वीकार किया जाना चाहिए।उन्होंने मांग की कि घायल मजदूरों का नि:शुल्क उपचार कराया जाए, दोषी अधिकारियों और कंपनी प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए तथा पूरे प्रदेश में मजदूरों के लिए न्यूनतम मजदूरी 25,000 रुपये प्रतिमाह निर्धारित की जाए।अजय राय ने अंत में कहा कि मजदूरों के हितों के खिलाफ चल रही नीतियों को बंद किया जाना चाहिए और मजदूर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे, जिसमें कांग्रेस उनके साथ खड़ी रहेगी।
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