० अरूणदेव गौतम और हिमांशु गुप्ता में से किसी एक को बनाना होगा डीजीपी
० यूपीएससी ने भेज दिया दो नाम का पैनल
रायपुर, 14 अप्रैल (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ में पुलिस विभाग में पुलिसमहानिदेशक डीजीपी के पद को लेकर इससमय कांटे की टक्कर चल रही है। इसके चलते शासन कोई निर्णय नहीं ले पा रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार पुलिस मुख्यालय में कार्यवाहक डीजीपी अरूण देव गौतम के कार्यशैली को लेकर यहां तीखी आलोचना हो रही है। वहीं थानों से लेकर जिला मुख्यालय तक आवश्यक कामकाज प्रभावित हो रही है। थानों में कई छोटे मोटे काम नहीं हो पा रहे है। जिसके चलते निर्माण कार्य से लेकर अन्य कार्य नहीं हो पा रहे है।
केंद्र शासन ने डीजीपी के लिए जो मापदंड बनाये गये थे। उसे हटा दिया गया है। पहले 30 वर्ष की सेवा वाले आईपीएस को डीजीपी बनाया जाता था अब इसे घटाकर 25 कर दिया गया है। इस समय पुलिस मुख्यालया में चर्चा है कि जिसके माथे में डीजीपी बनना होगा। वहीं डीजीपी बनेगा। इसके पहले भी गिरधारी नायक के होते हुए भी अमरनाथ उपाध्याय डीजीपी बन गये। अशोक जूनेजा 29 साल की सर्विस में डीजीपी बनाने का परमिशन ले लिया। अब 2001 बैज के आईपीएस अधिकारी दावेदार हो जाएंगे। जिसमें प्रदीप गुप्ता अमित कुमार और विवेकानंद प्रमुख है। सरकार ने 30 साल की सर्विस को मान्य करते हुए तीन अफ सरों के नाम यूपीएससी को भेज दिया था इसमें दो का काम ही भेजा गया है जिसमें अरूण देव गौतम और हिमांशु गुप्ता प्रमुख है। अरूण देव गौतम टूर में जशपुर जिले में काम कर चुके है इसलिए मुख्यमंत्री तथा उनके लल्लूरंजन को अच्छी तरह जानते है। इसलिए उनके बनने के आसार है। जिसके चलते अब कार्यवाहक डीजीपी अरूणदेव गौतम को ही स्थायी डीजीपी बनाने का प्रयास चल रहा है। लेकिन अभी तक कोई आदेश नहीं निकला है। बताया जाता है कि पांच राज्यों में चुनाव हो रहा है इसके पश्चात ही कोई निर्णय लिया जाएगा।
राज्य में चोरी साइबर डकैती के मामले बढ़ते जा रहे है वहीं गांजे की तस्करी और नशा का व्यापार बढ़ता जा रहा है ऐसे में पुलिस का स्थायी मुखिया बनाना जरूरी है।
शर्मा
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