जशपुर 14 अप्रैल (आरएनएस) जशपुर जिले के बगीचा और सन्ना इलाके में “पैसा दोगुना” करने के लालच ने ग्रामीणों को ऐसा जाल में फंसाया कि मेहनत की कमाई पलभर में गायब हो गई, लेकिन जैसे ही ठगी का खेल उजागर हुआ, पुलिस ने तेजी दिखाते हुए एक बड़े नेटवर्क गिरोह का पर्दाफाश कर 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, पूरा मामला hedgexfund नाम की कथित नेटवर्क कंपनी से जुड़ा है जहां आरोपियों ने खुद को कंपनी से जुड़ा बताकर ग्रामीणों का भरोसा जीता और तीन महीने में रकम डबल करने का झांसा दिया, 10 अप्रैल 2026 को कापू टोली निवासी उर्मिला बाई (26 वर्ष) ने थाना बगीचा में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वर्ष 2023 में उसकी पहचान रूपसेरा भलमंडा निवासी आरोपी कालेश्वर राम और मीनी बाई से हुई थी, जिन्होंने बाद में शिवशंकर राम और नीरा सिंह के साथ मिलकर महादेवडांड स्थित उसके घर आकर उसकी मां चंद्रमणि बाई को निवेश का लालच दिया, भरोसा दिलाया गया कि पैसा तीन महीने में दोगुना होगा और नहीं हुआ तो ब्याज सहित वापस मिलेगा, इसी झांसे में आकर उर्मिला बाई ने अलग-अलग तारीखों में कुल 1 लाख 70 हजार रुपये नगद और फोनपे के जरिए दिए जबकि उसकी मां ने भी 40 हजार रुपये निवेश किए, इसके बाद आरोपियों ने फर्जी आईडी-पासवर्ड देकर hedgexfund वॉलेट में रकम डॉलर में दिखाना शुरू किया जिससे भरोसा और बढ़ गया, लेकिन कुछ ही समय बाद वॉलेट अचानक बंद हो गया और जब पीड़ितों ने पैसा मांगा तो आरोपियों ने टालमटोल शुरू कर दी, तब जाकर ठगी का एहसास हुआ, जांच में सामने आया कि इसी तरह कई अन्य ग्रामीणों को भी झांसे में लेकर लाखों की ठगी की गई है, मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना बगीचा पुलिस ने भा.द.वि. की धारा 420 और 34 के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की और सघन कार्रवाई करते हुए शिवशंकर राम (29), मीनी बाई (52), कालेश्वर राम (48), अनिल लकड़ा (50), शिवनाथ राम (27) और नीरा सिंह (36) को गिरफ्तार कर लिया, पूछताछ में आरोपियों ने अपराध कबूल किया और पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर पांच आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया जबकि मुख्य आरोपी शिवशंकर राम को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ जारी है, पुलिस ने उसके कब्जे से टोयोटा टायजर कार क्रमांक JH-01FU-9460 भी जब्त की है, इस पूरी कार्रवाई में एसडीओपी बगीचा दिलीप कुमार कोसले, एएसआई अनिल कुमार कामरे, नरेश मिंज और महिला आरक्षक लीलावती यादव की अहम भूमिका रही, वहीं डीआईजी एवं एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने साफ कहा है कि इस नेटवर्क ठगी मामले में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और जांच के दौरान पीड़ितों की संख्या और ठगी की रकम दोनों बढ़ सकती हैं, यह मामला एक बड़ा सबक है कि “आसान मुनाफे का लालच अक्सर सबसे महंगी कीमत वसूलता है” और बिना जांच-पड़ताल किसी भी निवेश पर भरोसा करना सीधे जोखिम को न्योता देना है।
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