नारी शक्ति अधिनियम के लिए जताया पीएम मोदी का आभार।
रक्षा राज्य मंत्री के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ कार्यक्रम।
महिलाओं पर हुई पुष्पवर्षा, उन्हीं को समर्पित रहा कार्यक्रम।
सम्मेलन के बाद पदयात्रा कर बापू वाटिका पहुंची नारीशक्ति।
पंचायत से पार्लियामेंट तक निर्णय में होगी नारी : संजय सेठ
रांची 14 अप्रैल (आरएनएस)। नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर रांची में भव्य सम्मेलन आयोजित हुआ, जिसमें हजारों महिलाओं की सहभागिता रही। नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर उपस्थित जनसमूह ने पीएम श्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार प्रकट किया। पंचायत से पार्लियामेंट तक, निर्णय में नारी, नव भारत की तैयारी थीम पर आधारित यह कार्यक्रम पूर्णत: नारी शक्ति को समर्पित रहा, जिसमें महिलाओं की अभूतपूर्व भागीदारी ने इसे उत्सव का स्वरूप प्रदान किया।
कार्यक्रम का आयोजन माननीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ के मार्गदर्शन में किया गया। इस अवसर पर प्रमुख रूप से नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, रांची की महापौर रोशनी खलखो, रांची विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो0 सरोज शर्मा, विनीता सिंघानिया (पूर्व अध्यक्ष, समर्पण संस्था), विजयश्री साबू (अध्यक्ष, महिला माहेश्वरी सभा) तथा राष्ट्रीयक्चद्द कवयित्री व लेखिका पुष्पा सहाय विशेष रूप से उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का संचालन उषा जालान ने किया। सम्मेलन का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ तथा उपस्थित महिलाओं का पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया गया। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। साथ ही, महिलाओं को दिए गए आरक्षण के लिए देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया गया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में उपस्थित महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम का माहौल पूर्णत: प्रेरणादायी एवं ऊर्जा से परिपूर्ण रहा, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि आज की नारी समाज और राष्ट्र निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है। सम्मेलन के उपरांत आर्यभट्ट सभागार से एक विशाल पदयात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों महिलाओं ने भाग लिया। यह पदयात्रा मोराबादी स्थित बापू वाटिका तक निकाली गई, जहां सभी ने राष्ट्रपिता को श्रद्धासुमन अर्पित किए और नारी सशक्तिकरण के संकल्प को दोहराया। सेठ ने इस अवसर पर कहा कि नवभारत की नारी को पंचायत से पार्लियामेंट तक निर्णय में भागीदारी देनी है। इस उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह अधिनियम लाया है। यह सिर्फ अधिनियम नहीं है, यह इस सपने के पूरा होने जैसा है जो आजादी के बाद हमारे देश की मातृशक्ति देखती थीं। श्री सेठ ने कहा कि यह भव्य आयोजन न केवल नारी शक्ति के सम्मान और सशक्तिकरण का प्रतीक बना, बल्कि यह संदेश भी दिया कि विकसित भारत के निर्माण में महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व अत्यंत महत्वपूर्ण है।
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