रायगढ़ 15 अप्रैल 2026(आरएनएस) 17 साल की नाबालिग बालिका को काम दिलाने के झांसे में फंसाकर डेढ़ लाख रुपए में बेचकर देह व्यापार के धंधे में धकेलने वाला ह्यूमन ट्रैफिकिंग गिरोह रायगढ़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई से ध्वस्त हो गया है। छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के छतरपुर तक फैले इस नेटवर्क में शामिल पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा चुका है, जबकि एक दलाल अभय यादव फरार रहने पर पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। एसएसपी शशि मोहन सिंह के दिशा–निर्देश पर कोतरारोड़ टीम ने यह सनसनीखेज खुलासा किया, जिसमें 11 अप्रैल को दर्ज शिकायत के आधार पर अपहरण, दुष्कर्म, मानव तस्करी और पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराएं दर्ज की गईं।
पीड़िता, जो रायगढ़ जिले की रहने वाली है, ने बताया कि पिता की लगातार डांट–फटकार से तंग आकर 26 नवंबर 2025 को वह गांव के खेल मैदान पर खड़ी थी, तभी उसकी परिचित लड़की “चमेली” ने काम दिलाने के नाम पर उसे रायगढ़ ले आया। निकले महादेव मंदिर के पास पहले से सक्रिय गिरोह की बिंदिया रात्रे, अभय यादव, चिकू खान और पूजा उर्फ बॉबी उर्फ चाची से मिलवा दिया गया, जहां फिर उसे काम दिलाने का झांसा देकर अगले ही दिन सागर (मध्यप्रदेश) ले जाकर मंदिर में जबरन शादी करा दी गई। सागर के एक गांव में सुनील दिक्षित नामक व्यक्ति से 1.5 लाख रुपए लेकर बालिका को “बेचने” का सौदा तय हुआ, मंदिर में रजिस्टर्ड शादी के बाद सुनील ने जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए और गिरोह के बाकी सदस्य वापस रायगढ़ लौट गए। पीड़िता ने मौके का फायदा उठाकर सागर से ट्रेन से भागकर रायगढ़ वापस किया, लेकिन पिता के डर के कारण घर न जाकर बिंदिया रात्रे के यहां पहुंच गई।
बिंदिया ने उसे अपने पास रखने के बहाने देह व्यापार के धंधे में धकेल दिया, जहां वह उसे विभिन्न युवकों के यहां भेजकर शारीरिक शोषण कराती थी और सारी कमाई खुद हड़प लेती थी। बालिका की लिखित शिकायत पर 11 अप्रैल को थाना कोतरारोड़ में अपराध क्रमांक 116/2026 दर्ज किया गया, जिसमें बीएनएस की धारा 137(2), 143, 96, 98, 99, 64, 3(5) और पॉक्सो एक्ट की धारा 6 को जोड़ा गया। पीड़िता का महिला पुलिस अधिकारी द्वारा कथन दर्ज कराकर मेडिकल जांच के बाद पुलिस ने गिरोह के खिलाफ दबिश दी। चमेली, जो विधि से संघर्षरत बालिका है, को हिरासत में लेने पर उसने साफ माना कि सभी आरोपी मिलकर सागर के सुनील दिक्षित को पीड़िता को 1.5 लाख रुपए में बेचकर जबरन शादी कराने और रकम बांटने की साजिश रची थी। इस आधार पर पुलिस ने 7 हजार रुपए नगद, मोबाइल फोन और अन्य मूल्यवान सामग्री को जप्त किया।
आरोपी खरीदार सुनील दिक्षित की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम मध्यप्रदेश के सागर–छतरपुर क्षेत्र की ओर दौड़ी, जहां 13 अप्रैल को उसके गांव बिलवार में छापे में धरा गया। पूछताछ में उसने अपराध स्वीकार कर लिया और उसे रायगढ़ लाकर जेल रिमांड पर भेज दिया गया। गिरफ्तार आरोपियों में 45 वर्षीय सिरीन बानू उर्फ पूजा उर्फ बॉबी उर्फ चाची (बीड़पारा, रायगढ़), 23 वर्षीय बिंदिया रात्रे (इंदिरा नगर, रायगढ़), 20 वर्षीय मोह. दानिश उर्फ चिकू खान (बीड़पारा, रायगढ़), 37 वर्षीय सुनील दिक्षित (छतरपुर, मध्यप्रदेश) और विधि से संघर्षरत बालिका चमेली शामिल हैं। पूरी कार्रवाई एसएसपी शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में एडिशनल एसपी अनिल कुमार सोनी, डीएसपी सुशांतो बनर्जी और प्रशिक्षु डीएसपी/थाना प्रभारी कोतरारोड़ अजय नागवंशी की टीम ने की, जिसमें महिला थाना प्रभारी एसआई कुसुम कैवर्त, एएसआई मनमोहन बैरागी, कांस्टेबल चंद्रेश पांडेय, राजेश खांडे, विकास कुजूर और अन्य स्टाफ ने अहम भूमिका निभाई।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि देह व्यापार, मानव तस्करी और अनैतिक गतिविधियों में संलिप्त गिरोहों के खिलाफ पुलिस की निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी और समाज के लोगों से अपील की गई है कि ऐसे किसी भी संदिग्ध नेटवर्क की सूचना तुरंत थानों या हेल्पलाइ के माध्यम से दें ताकि नाबालिगों और कमजोर वर्गों को इस अंधेरे धंधे से बचाया जा सके ।

