० एनआईटी रायपुर, जिला प्रशासन एवं बीआरपी पॉलिटेक्निक के बीच स्त्री परियोजना हेतु त्रिपक्षीय एमओयू हस्ताक्षरित
धमतरी, 15 अप्रैल (आरएनएस)। जिले में ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक पहल की गई। कलेक्टोरेट परिसर में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी रायपुर, जिला प्रशासन धमतरी एवं बीआरपी शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज, धमतरी के मध्य एसटीआरईई परियोजना के सफल क्रियान्वयन हेतु त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।
एनआईटी रायपुर के निदेशक डॉ. एन. वी. रमणा राव, कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी अबिनाश मिश्रा तथा बीआरपी पॉलिटेक्निक कॉलेज, धमतरी के प्राचार्य ने संयुक्त रूप से रूश पर हस्ताक्षर कर इस महत्वाकांक्षी परियोजना का शुभारंभ कलेक्टोरेट सभाकक्ष में किया। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत गजेन्द्र सिंह ठाकुर, सहायक प्राध्यापक अनुज कुमार शुक्ला, असिस्टेंट रजिस्ट्रार पवन कटारिया, एसडीएम पीयूष तिवारी सहित जिले के विभिन्न कॉलेजों के प्राचार्य, प्राध्यापक उपस्थित थे ।
यह परियोजना वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान विभाग, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार के टीडीयूपीडब्ल्यू-ए2के+ कार्यक्रम अंतर्गत लगभग 90 लाख की वित्तीय सहायता से संचालित होगी। 36 माह की अवधि में यह पहल धमतरी जिले की 300 ग्रामीण महिलाओं को कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ेगी। परियोजना के अंतर्गत महिलाओं को कोसा रेशम (कोकून) प्रसंस्करण, फाइबर निष्कर्षण, आधुनिक बुनाई तकनीक, उत्पाद डिज़ाइन, उद्यमिता विकास एवं बाजार से जोडऩे (मार्केट लिंकेज) जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। विशेष रूप से वंचित, आदिवासी एवं कृषि-आधारित समुदायों की महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग एवं मूल्य संवर्धन सुनिश्चित हो सके।
यह पहल 4 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में डीएसआईआर के साथ हुए पूर्व समझौते का विस्तार है, जो शैक्षणिक संस्थानों, प्रशासन एवं स्थानीय स्तर पर समन्वित विकास का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती है। इस अवसर पर कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि धमतरी जिले में हैंडलूम एवं कृषि आधारित आजीविका की अपार संभावनाएँ हैं। एसटीआरईई परियोजना के माध्यम से वैज्ञानिक एवं तकनीकी सहयोग से स्थानीय एनआईटी रायपुर के निदेशक डॉ. एन. वी. रमना राव ने अपने संबोधन में कहा कि यह साझेदारी समावेशी नवाचार एवं जमीनी स्तर पर विकास की दिशा में एक मजबूत कदम है। एसटीआरईई परियोजना के माध्यम से महिलाओं के लिए स्थायी आजीविका के अवसर सृजित किए जाएंगे तथा महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों को बढ़ावा दिया जाएगा।
विशेषज्ञों की भूमिका एवं उपस्थिति
समारोह में एनआईटी रायपुर के सहायक प्राध्यापक एवं परियोजना के मुख्य अन्वेषक डॉ. अनुज कुमार शुक्ला तथा इंक्यूबेशन से जुड़े अधिकारी पवन कटारिया सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल को महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में मील का पत्थर बताया।
समग्र प्रभाव
एसटीआरईई परियोजना के माध्यम से न केवल महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण मिलेगा, बल्कि उन्हें स्वरोजगार, लघु उद्योग एवं उद्यमिता की दिशा में आगे बढऩे के अवसर भी प्राप्त होंगे। यह पहल धमतरी जिले में महिला सशक्तिकरण का एक सशक्त मॉडल स्थापित करते हुए आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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