रांची 15 अप्रैल (आरएनएस)। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (्रक्चष्ठरू) के अंतर्गत ्रक्च क्करू-छ्व्रङ्घ एवं रू्रस्स्ङ्घ अस्पतालों के लिए ्रक्चष्ठरू ढ्ढठ्ठह्लद्गद्दह्म्ड्डह्लद्बशठ्ठ विषय पर राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन चाणक्य बीएनआर होटल, रांची में किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य राज्य में डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम को मजबूत करना तथा अस्पतालों को ्रक्चष्ठरू प्लेटफॉर्म से जोडऩे की प्रक्रिया को गति देना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया।
डिजिटल हेल्थ में झारखंड तेजी से अग्रसर, ्रक्चष्ठरू कार्यशाला में राज्य को नंबर 1 बनाने का संकल्प
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (्रक्चष्ठरू) के कार्यशाला को संबोधित करते हुए अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह , स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि यह अत्यंत प्रसन्नता का विषय है कि ्रक्चष्ठरू, क्करू-छ्व्रङ्घ के पदाधिकारी, हेल्थ टेक प्रतिनिधि, सिविल सर्जन तथा निजी एवं सरकारी अस्पतालों के प्रतिनिधि एक मंच पर एकत्रित हुए हैं। उन्होंने इसे डिजिटल हेल्थ के क्षेत्र में सामूहिक प्रयासों को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर बताया। अपने संबोधन में उन्होंने बताया कि झारखंड में ्रक्चष्ठरू की शुरुआत वर्ष 2024 में की गई थी। उस समय राज्य में डिजिटल हेल्थ की परिकल्पना भी चुनौतीपूर्ण थी, क्योंकि जमीनी स्तर पर डॉक्टर, दवाओं एवं आधारभूत सुविधाओं की कमी जैसी कई समस्याएं मौजूद थीं। इसके बावजूद राज्य ने इस चुनौती को स्वीकार किया और मात्र दो वर्षों में झारखंड डिजिटल हेल्थ के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है।
उन्होंने जानकारी दी कि वर्ष 2024 में 299 करोड़ रुपये की लागत से पांच वर्षों की विस्तृत योजना के साथ इस पहल को प्रारंभ किया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने हेतु क्चस्हृरु के सहयोग से डिजिटल सेवाओं का विस्तार किया गया। सिंह ने बताया कि राज्य के सभी जिला अस्पतालों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में ॥रूढ्ढस् का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन हो चुका है, जबकि निजी अस्पतालों को भी शीघ्र इस प्लेटफॉर्म से जोडऩे के प्रयास जारी हैं। उन्होंने आगे कहा कि राज्य एवं जिला स्तर पर डिजिटल हेल्थ के प्रभावी संचालन के लिए एकीकृत डैशबोर्ड एवं कंट्रोल रूम की स्थापना की जाएगी। इसके साथ ही जिला अस्पतालों में ष्टष्टञ्जङ्क कैमरों को इस डैशबोर्ड से जोड़कर निगरानी एवं सेवा गुणवत्ता को और बेहतर बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि टेली-आईसीयू (ञ्जद्गद्यद्ग ढ्ढष्ट) पहल के तहत रिम्स, रांची को केंद्र बनाकर वर्तमान में 4 जिला अस्पतालों में 10-10 बेड के साथ सेवाएं संचालित हो रही हैं। इस सुविधा का विस्तार शीघ्र ही सभी 24 जिलों में किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, सदर अस्पताल रांची में टेली-रेडियोलॉजी हब की स्थापना की गई है, जिसके माध्यम से राज्य के विभिन्न अस्पतालों को जोड़ा गया है और विशेषज्ञ रेडियोलॉजिस्ट द्वारा दूरस्थ रूप से सेवाएं प्रदान की जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार तकनीक का उपयोग कर मरीजों को बेहतर एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने निजी अस्पतालों से भी अपील की कि वे ्रक्चष्ठरू प्लेटफॉर्म से जुड़ें। कार्यशाला में उपस्थित सभी हितधारकों ने डिजिटल हेल्थ को जन-जन तक पहुंचाने एवं राज्य को इस क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प लिया।
्रक्चष्ठरू एकीकरण को लेकर राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन, डिजिटल हेल्थ के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने पर जोर
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (हृ॥्र) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. सुनील कुमार बर्नवाल ने संबोधित करते हुए कहा कि कर्मभूमि झारखंड से निकलकर देश सेवा का अवसर मिलना उनके लिए गर्व का विषय है। उन्होंने डिजिटल हेल्थ को मरीजों के सशक्तिकरण और देश के स्वास्थ्य तंत्र में व्यापक बदलाव लाने का एक प्रभावी माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि बेहतर उपचार के लिए सटीक निदान आवश्यक है, और यह तभी संभव है जब मरीज का पूरा स्वास्थ्य रिकॉर्ड डिजिटल रूप में उपलब्ध हो। “ष्ठड्डह्लड्ड द्बह्य ह्लद्धद्ग द्मद्ग4 द्घशह्म् ड्ढद्गह्लह्लद्गह्म् ष्ह्वह्म्द्ग ड्डठ्ठस्र ह्लह्म्द्गड्डह्लद्वद्गठ्ठह्ल” पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि ्रक्चष्ठरू के माध्यम से स्वास्थ्य रिकॉर्ड को जोड़कर एक सशक्त और पारदर्शी हेल्थ सिस्टम तैयार किया जा रहा है।
डॉ. बर्नवाल ने बताया कि वर्तमान में देशभर में 96 करोड़ से अधिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड लिंक किए जा चुके हैं तथा 87 करोड़ से अधिक ्रक्च॥्र ढ्ढष्ठ बनाई जा चुकी हैं, जो इस मिशन की व्यापकता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम में मौजूद अंतराल को कम करने का प्रयास हैं। साथ ही उन्होंने अस्पतालों से अपील की कि वे ्रक्चष्ठरू-द्गठ्ठड्डड्ढद्यद्गस्र ॥रूढ्ढस् को अपनाएं और मरीजों को भी डिजिटल रिकॉर्ड एवं उसके लाभों के प्रति जागरूक करें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में ्रक्चष्ठरू-द्गठ्ठड्डड्ढद्यद्गस्र ॥रूढ्ढस् का उपयोग करने वाले अस्पतालों को ही प्राथमिकता के आधार पर पैनल में शामिल किया जाएगा तथा हृ॥ष्टङ्ग इंटीग्रेशन भी अनिवार्य होगा। ऐसे में सभी हितधारकों के लिए इस दिशा में तेजी से अनुकूलन आवश्यक है।
उन्होंने ने कहा कि यह कार्यशाला झारखंड में डिजिटल हेल्थ मिशन को सशक्त करने और स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
आयुष्मान भारत का लाभ सभी लोगों तक पहुंचना हमारा लक्ष्य है।
छवि रंजन, ईडी,जे. स. ए.स ने कार्यक्रम में पीपीटी के माध्यम से प्रतिभागियों को झारखंड में आयुष्मान भारत में चलाई जा रही कार्यक्रम के बारे में बताया।उन्होंने कहा कि राज्य में 66 लाख लोगो को आयुष्मान कार्ड का लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में एक करोड़ तीस लाख केवाईसी बनाया गया है। सभी सिविल सर्जन को कहा कि प्रयास करके सत प्रतिशत केवाईसी जल्द बनाया जाए।
डिजिटल हेल्थ से पारदर्शिता और सुविधा में वृद्धि लाना हमारा लक्ष्य
कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए श्री विद्यानंद पंकज शर्मा, राज्य मिशन निदेशक,्रक्चष्ठरू ने कहा कि मरीजों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से सुरक्षित एवं सुगम बनाया जाएगा, जिससे उपचार प्रक्रिया अधिक प्रभावी और पारदर्शी होगी। इससे मरीजों को कहीं भी, कभी भी अपने स्वास्थ्य से संबंधित जानकारी प्राप्त करने में सुविधा होगी। उन्होंने कार्यक्रम के रूरेखा को बताया और राज्य में आभा कार्ड सभी सदर अस्पताल में बनाया जा रहा है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में विभिन्न पोर्टल माध्यम से भी आभा कार्ड बनाया जा रहा है।जिलों से आए सिविल सर्जन को कहा कि फोकस रूप में काम करते हुए टारगेट के अनुरूप आभा कार्ड बनवाने कार्य एक टाइमलाइन में करे।डॉ पंकज कुमार अरोरा, निदेशक ,हृ॥्र ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारा पूरा पॉक्स है कि डिजिटल कार्ड सभी का जल्द बाय।
रूश हस्ताक्षर एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च
कार्यक्रम के दौरान क्चस्हृरु एवं ष्टष्ठ्रष्ट के साथ महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (रूश) पर हस्ताक्षर किए गए। इसके साथ ही झारखंड में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने हेतु:
• द्ग-स्ह्वह्यद्धह्म्ह्वह्ल छ्वद्धड्डह्म्द्मद्धड्डठ्ठस्र रूशड्ढद्बद्यद्ग ्रश्चश्च
• ्रक्चष्ठरू छ्वद्धड्डह्म्द्मद्धड्डठ्ठस्र की आधिकारिक वेबसाइट
• क्चस्हृरु ष्ठद्बद्दद्बह्लड्डद्य स्2ड्डह्यह्लद्ध4ड्ड स्द्गह्लह्व ्रश्चश्च
का शुभारंभ किया गया।
उत्कृष्ट कार्य हेतु सम्मान
पिछले दो वर्षों में ्रक्चष्ठरू के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाले संस्थानों एवं व्यक्तियों को सम्मानित भी किया गया।
स्वास्थ्य रिकॉर्ड लिंकिंग एवं नई पहल
कार्यक्रम में ्रक्चष्ठरू के तहत स्वास्थ्य रिकॉर्ड लिंकिंग, हृ॥ष्टङ्ग से संबंधित अद्यतन जानकारी एवं क्करूछ्व्रङ्घ दिशा-निर्देशों पर विस्तृत चर्चा की गई।
स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण की दिशा में बड़ा कदम
कार्यशाला में विभिन्न तकनीकी सेवा प्रदाताओं द्वारा अपने समाधान प्रस्तुत किए गए। ओपन हाउस सत्र के माध्यम से प्रतिभागियों के प्रश्नों का समाधान भी किया गया।
कार्यक्रम के समापन पर अधिकारियों ने कहा कि ्रक्चष्ठरू के सफल क्रियान्वयन से झारखंड में स्वास्थ्य सेवाएं अधिक सुलभ, पारदर्शी एवं प्रभावी बनेंगी। इस अवसर पर ऋतु सहाय , निदेशक ड्रग,सभी जिलों के सिविल सर्जन, डीपीएम, डीडीएम, ्रक्चष्ठरू के कर्मी, आयुष्मान भारत के कर्मी,प्राइवेट हॉस्पिटल के डाक्टर उपस्थित थे।
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