रांची 15 अप्रैल (आरएनएस)। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के महासचिव विनोद पांडेय ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि बिहार में स्ढ्ढक्र (स्श्चद्गष्द्बड्डद्य ढ्ढठ्ठह्लद्गठ्ठह्यद्ब1द्ग क्रद्ग1द्बह्यद्बशठ्ठ) के नाम पर 35 लाख से अधिक गरीब परिवारों के राशन कार्ड रद्द किया जाना कोई साधारण प्रशासनिक त्रुटि नहीं, बल्कि एक सुनियोजित रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि स्ढ्ढक्र केवल एक बहाना है, जबकि असल उद्देश्य गरीबों को उनके बुनियादी अधिकारों से वंचित करना है। आज राशन कार्ड, कल पेंशन, परसों मइयाँ योजना, और उसके बाद बिजली, शिक्षा जैसी आवश्यक सुविधाओं को भी समाप्त करने की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है। पांडेय ने आरोप लगाया कि भाजपा की नीति स्पष्ट है—ऐसी परिस्थितियाँ पैदा की जाएँ कि गरीब, आदिवासी, पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्ग कमजोर हो जाएँ और उन्हें मिलने वाली सरकारी सहायता स्वत: समाप्त हो जाए। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि झारखंड में पूर्व मुख्यमंत्री रघुबर दास के कार्यकाल में भी 10 लाख से अधिक राशन कार्ड रद्द किए गए थे। इससे यह स्पष्ट होता है कि भाजपा एक ही रणनीति को अलग-अलग राज्यों में दोहराने की कोशिश कर रही है।
पांडेय ने कहा कि यह केवल दस्तावेजों की जांच नहीं है, बल्कि यह लोगों के अस्तित्व पर प्रहार है। किसी परिवार का नाम सूची से हटता है, तो केवल एक कार्ड नहीं कटता—उस परिवार की रसोई बुझ जाती है, बुजुर्गों की पेंशन रुक जाती है और बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब अत्यंत सुनियोजित और शांत तरीके से किया जा रहा है—बिना सार्वजनिक चर्चा, बिना जवाबदेही और बिना पारदर्शिता के।
उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा कि यह समय सतर्क रहने, आवाज उठाने और हर उस व्यक्ति के साथ खड़े होने का है, जिसका अधिकार छीना जा रहा है। यह लड़ाई केवल स्ढ्ढक्र के खिलाफ नहीं, बल्कि सम्मान, अधिकार और अस्तित्व की रक्षा की लड़ाई है।
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